नई दिल्ली, 10 मई (वेब वार्ता)। अपना घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में लगातार कटौती के बाद देश के कई प्रमुख बैंकों ने होम लोन की ब्याज दरों में कमी करने का फैसला लिया है। इससे नए घर खरीदने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त का बोझ कम होने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार रिजर्व बैंक ने पिछले वर्ष से अब तक रेपो रेट में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की है। इसके बाद मई महीने में बैंकिंग क्षेत्र में होम लोन दरों को लेकर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। वर्तमान में रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर स्थिर बताया जा रहा है।
सरकारी क्षेत्र के कई बैंकों ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट यानी एमसीएलआर में कटौती की है। इससे होम लोन समेत अन्य खुदरा ऋण सस्ते होने की संभावना बढ़ गई है।
पंजाब नेशनल बैंक ने सभी अवधियों के लिए एमसीएलआर में 5 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। बैंक की एक वर्ष की एमसीएलआर दर अब 8.95 प्रतिशत से घटकर 8.90 प्रतिशत हो गई है। वहीं तीन वर्ष की दर को भी कम किया गया है।
इंडियन बैंक ने भी कुछ अवधियों के लिए अपनी एमसीएलआर दरों में 5 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। बैंक की नई दरें पहले से लागू की जा चुकी हैं। माना जा रहा है कि इससे नए और पुराने दोनों प्रकार के ग्राहकों को राहत मिलेगी।
बैंक ऑफ इंडिया ने भी सभी अवधियों में एमसीएलआर घटाने की घोषणा की है। बैंक की एक वर्ष की एमसीएलआर दर 9.05 प्रतिशत से घटाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है, जबकि तीन वर्ष की दर भी कम हुई है। बैंक के इस फैसले से गृह ऋण लेने वालों को सीधा लाभ मिलेगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी होम लोन की ब्याज दरों में कटौती करते हुए इसे 7.45 प्रतिशत तक कर दिया है। साथ ही बैंक ने प्रोसेसिंग शुल्क को भी शून्य करने की घोषणा की है। इससे नए ग्राहकों के लिए होम लोन लेना पहले के मुकाबले अधिक सस्ता और आसान हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्याज दरों में कमी से रियल एस्टेट क्षेत्र को भी बढ़ावा मिल सकता है। लंबे समय से ऊंची ब्याज दरों के कारण घर खरीदने का फैसला टाल रहे लोगों के लिए यह सही अवसर माना जा रहा है। साथ ही इससे निर्माण और आवास क्षेत्र में मांग बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
बैंकिंग विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले महीनों में यदि रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति नरम बनी रहती है तो अन्य बैंक भी ब्याज दरों में और कटौती कर सकते हैं। इससे होम लोन बाजार में प्रतिस्पर्धा और बढ़ने की संभावना है।




