लखनऊ, 10 मई (वेब वार्ता)। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में रविवार को आठ नए चेहरों को शामिल किया गया। राजधानी लखनऊ स्थित जन भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार के जरिए भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों और सामाजिक समीकरणों को साधने का स्पष्ट संकेत दिया है।
आज @UPGovt में मंत्री पद की शपथ ग्रहण करने वाले सभी माननीय गण को हार्दिक बधाई।
पूर्ण विश्वास है कि ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव के साथ आप सभी जनसेवा व सुशासन के संकल्पों के साथ नए उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करेंगे।
आप सभी के उज्ज्वल कार्यकाल हेतु अनंत मंगलकामनाएं। pic.twitter.com/VV0S7XL8Mp
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 10, 2026
मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक मनोज कुमार पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इनके अलावा डॉ. सोमेंद्र तोमर और अजीत पाल को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में पदोन्नति दी गई। वहीं कृष्णा पासवान, कैलाश सिंह राजपूत, सुरेंद्र दिलेर और हंसराज विश्वकर्मा को पहली बार राज्य मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित अब 21 कैबिनेट मंत्री हो गए हैं। इसके अलावा 14 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 18 राज्य मंत्री शामिल हैं। वर्तमान में सरकार में कुल 54 मंत्री हैं, जबकि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। खास बात यह रही कि इस विस्तार में किसी भी मंत्री को हटाए बिना नए चेहरों को शामिल किया गया।
भूपेंद्र चौधरी इससे पहले योगी सरकार के पहले कार्यकाल में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं। संगठन और सरकार दोनों में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें दोबारा कैबिनेट में जगह दी गई है। वहीं समाजवादी पार्टी से अलग होकर भाजपा के करीब आए मनोज कुमार पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाकर भाजपा ने रायबरेली और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है।
राज्यमंत्री बनाए गए नेताओं में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है। फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान अनुसूचित जाति वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं। वाराणसी के विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं। अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेंद्र दिलेर और कन्नौज के तिर्वा से विधायक कैलाश सिंह राजपूत को भी पहली बार मंत्री पद का अवसर मिला है।
मेरठ दक्षिण से विधायक डॉ. सोमेंद्र तोमर को राज्य मंत्री से पदोन्नत कर राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है। वह ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग में कार्यरत रहे हैं। वहीं कानपुर देहात के सिकंदरा से विधायक अजीत पाल को भी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में काम के आधार पर पदोन्नति दी गई है।
योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का पहला विस्तार पांच मार्च 2024 को लोकसभा चुनाव से पहले हुआ था। उस समय भी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए चार नए कैबिनेट मंत्रियों को शामिल किया गया था। इनमें ओम प्रकाश राजभर, दारा सिंह चौहान, अनिल कुमार और सुनील कुमार शर्मा को मंत्रिमंडल में जगह दी गई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस बार का विस्तार भाजपा की सामाजिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी ने पिछड़ा, दलित और सवर्ण वर्ग के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। वर्तमान में भाजपा के पास विधानसभा में 258 विधायक हैं, जिनमें बड़ी संख्या ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग से आती है। इसी आधार पर मंत्रिमंडल में भी जातीय और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
मंत्रिमंडल विस्तार को आगामी चुनावों की तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपा नेतृत्व संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के साथ-साथ नए सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने में जुटा हुआ है। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री, भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में विधायक एवं समर्थक उपस्थित रहे।




