-विदेशी एआई टेक्निोलॉजी की जगह मेडिकल कालेज खुद करेगा रिसर्च
-हरी शंकर शर्मा
कानपुर, 04 मई (वेब वार्ता)। हरर्कोर्ट बटलर टैक्निल यूनिवर्सिटी एवं जीएसवीएम मेडिकल कालेज के बीच शिक्षा, अनुंसधान ,नवाचार एवं स्टार्टअप तंत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता सहयोग दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता को एकीकृत करते हुए स्वास्थ्य तकनीक और डीप-टेक इनोवेशन के क्षेत्र में नए अवसरों कौ पैदा करेगा। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. डॉ संजय काला ने बताया कि एचबीटीयू के साथ हुए समझौते से अब डाक्टर्स व इंजिनियर दोनो मिल कर काम करेगे। इसके साथ ही 3 डी टेक्निोलॉजी से बेहतर इलाज मरीजो को मिलेगा। उन्होंने बताया कि विदेशी एआई टेक्निोलॉजी की जगह अब मेडिकल कालेज खुद रिसर्च करेगा और शत प्रतिशत मरीजो को बेहतर इलाज दिया जायेगा।
एचबीटीयू से आए रजिस्ट्रार जितेन्द्र राठौर ने बताया पत्रकारो को बताया कि शिक्षा और हेल्थ में नई तकनीकी का इस्तेमाल किया जायेगा। इस पहल को क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार, उन्नत सर्जिकल तकनीकों और किफायती चिकित्सा समाधान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इसके साथ ही आने वाले समय में एआई तकनीकी से मरीजो को सस्ते दाम पर इलाज मुहैया होगा। समझौते के दौरान मुख्य रूप से उप प्रचार्या डॉ रिचा गिरी, प्रमुख अधीक्षक डॉ सौरभ अग्रवाल, क्षय रोग विभाग के विभागध्यक्ष डॉ अवधेश कुमार व मीडिया प्रभारी डाू सीमा द्विवेदी मौजूद रही।
समझौते से डिजिटल हेल्थ सॉल्यूशंस के क्षेत्र में मिलेगा बढ़ावा : कालेज प्राचार्य प्रो. डॉ संजय काला ने बताया कि इस साझेदारी के तहत एचबीटीयू की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , बायोटेक्नोलॉजी, फार्मेसी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, रोबोटिक सर्जरी तथा 3डी प्रिंटिंग जैसी उन्नत तकनीकी क्षमताओं को जीएसवीएम की क्लिनिकल विशेषज्ञता और चिकित्सा अनुसंधान के साथ जोड़ा जाएगा। इससे रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम, कस्टमाइज्ड इम्प्लांट्स (3डी प्रिंटिंग आधारित), मेडिकल डिवाइस डेवलपमेंट, दवा अनुसंधान तथा डिजिटल हेल्थ सॉल्यूशंस के क्षेत्र में अभिनव प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा।




