सीहोर, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम सतपिपलिया में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की बेरहमी से हत्या कर दी और सबूत छिपाने के लिए शव को सुनसान रास्ते पर फेंक दिया। हालांकि पुलिस ने कुछ ही घंटों में पूरे मामले का पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
खुद दी सूचना, लेकिन बढ़ा शक
रविवार सुबह आरोपी देवेंद्र परमार ने पुलिस को सूचना दी कि उसके भाई अंकुश परमार का शव रामनगर रोड पर खेत के पास पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में ही पुलिस को मामला संदिग्ध लगा, क्योंकि देवेंद्र बार-बार अपने बयान बदल रहा था। इसी से पुलिस का शक गहराता गया और जांच की दिशा बदल गई।
फॉरेंसिक जांच में खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल से फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। जब टीम आरोपी के घर पहुंची, तो वहां ताजा सफाई और चूने की पुताई ने संदेह और बढ़ा दिया।
जांच के दौरान जैसे ही कमरे में बिछा कालीन हटाया गया, उसके नीचे खून के धब्बे मिले, जिससे हत्या की पुष्टि हो गई। आरोपी ने खून के निशान मिटाने, कपड़े जलाने और हथियार छिपाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन फॉरेंसिक जांच के आगे उसकी चालाकी बेनकाब हो गई।
पूछताछ में कबूला जुर्म
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के अनुसार, सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी देवेंद्र ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि शनिवार रात दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ था, जो अचानक हिंसक हो गया और उसने गुस्से में धारदार हथियार से हमला कर दिया।
पारिवारिक विवाद बना वजह
जांच में यह भी सामने आया कि मृतक अंकुश शराब का आदी था और अक्सर परिवार में विवाद करता था। घटना वाली रात भी झगड़ा बढ़ने पर आरोपी ने यह खौफनाक कदम उठा लिया। परिवार में लंबे समय से चल रहा तनाव इस वारदात की मुख्य वजह माना जा रहा है।
कुछ ही घंटों में सुलझा मामला
पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज कुछ घंटों के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। इस पूरे मामले में पुलिस की सतर्कता और फॉरेंसिक जांच की भूमिका निर्णायक साबित हुई, जिसने सच्चाई को सामने लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।



