चंडीगढ़, 24 अप्रैल (वेब वार्ता)। हरियाणा के पंचकूला नगर निगम में सामने आए करीब 145 करोड़ रुपये के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। Enforcement Directorate की चंडीगढ़ क्षेत्रीय टीम ने 22 अप्रैल को चंडीगढ़, पंचकूला, जीरकपुर, डेराबस्सी और राजपुरा पटियाला में कुल 12 ठिकानों पर छापेमारी की।
यह कार्रवाई Kotak Mahindra Bank और नगर निगम पंचकूला से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में की गई। छापेमारी के दौरान जांच टीम ने कई खरीद-बिक्री समझौते, महत्वपूर्ण दस्तावेज और धन शोधन से जुड़े साक्ष्य जब्त किए हैं।
जांच की शुरुआत पंचकूला की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई थी। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि बैंक के कुछ अधिकारियों ने सुनियोजित साजिश के तहत नगर निगम के करोड़ों रुपये का गबन किया।
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार जांच में सामने आया है कि बैंक अधिकारियों और नगर निगम के पूर्व अधिकारी ने मिलकर फर्जी अधिकृत पत्रों के जरिए निगम के नाम पर दो बैंक खाते खुलवाए। इसके बाद निगम के वास्तविक खातों से धनराशि इन फर्जी खातों में स्थानांतरित कर दी गई। इस प्रक्रिया में नकली पत्र और फर्जी ईमेल का उपयोग किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि नगर निगम के अभिलेखों में इन लेन-देन का कोई उल्लेख नहीं था, जिससे लंबे समय तक इस घोटाले का पता नहीं चल पाया। इसके अलावा निगम को 16 फर्जी सावधि जमा रसीदें भी दी गईं, जिनमें करीब 145.03 करोड़ रुपये का निवेश दर्शाया गया था।
जांच एजेंसी के अनुसार इस धनराशि को आगे विभिन्न व्यक्तियों और फर्मों तक पहुंचाया गया। कुछ रकम वापस मुख्य आरोपियों और उनके परिजनों तक पहुंचने के भी संकेत मिले हैं। साथ ही धन का उपयोग अचल संपत्ति और अन्य निजी निवेशों में किए जाने की भी आशंका जताई गई है।
ईडी ने जिन लोगों और संस्थानों से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली, उनमें कई प्रमुख आरोपियों के ठिकाने शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।





