रुद्रप्रयाग, 22 अप्रैल (वेब वार्ता)। उत्तराखंड स्थित पवित्र केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार सुबह निर्धारित शुभ मुहूर्त में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयघोषों से गूंज उठा और चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया।
पुष्कर सिंह धामी भी इस अवसर पर धाम पहुंचे और बाबा केदार के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस वर्ष मंदिर को लगभग 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे धाम की सुंदरता और अधिक आकर्षक हो गई।
ओंकारेश्वर मंदिर से मंगलवार शाम रवाना हुई बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली करीब 17 किलोमीटर की पैदल यात्रा तय कर केदारपुरी पहुंची। डोली ने जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली और बेस कैंप जैसे पड़ावों से होते हुए धाम में प्रवेश किया। मंदिर परिसर में पहुंचते ही हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
डोली के आगमन के साथ ही मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास चरम पर पहुंच गया। डमरू और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की ध्वनि तथा सिखलाई रेजीमेंट के बैंड की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया। इसके बाद डोली ने मंदिर की परिक्रमा कर भंडार गृह में प्रवेश किया, जहां विधिवत पूजा संपन्न हुई।
कपाट खुलने के अवसर पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
देश-विदेश से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस पावन क्षण के साक्षी बनने पर उत्साह व्यक्त किया। राजस्थान, ऋषिकेश, देहरादून, चमोली और पौड़ी सहित विभिन्न स्थानों से आए भक्तों ने यात्रा को लेकर विशेष श्रद्धा और उल्लास प्रकट किया।
इस अवसर पर बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा ने गति पकड़ ली है और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है।



