जहानाबाद, 16 अप्रैल, 2026 (वेब वार्ता)। जहानाबाद के रतनी फरीदपुर प्रखंड में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब पंचायत समिति के 11 सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के लिए जिला पदाधिकारी कार्यालय का रुख किया। इस दौरान सदस्यों ने प्रखंड प्रशासन पर मनमानी और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।
विकास योजनाओं में पारदर्शिता पर सवाल
पंचायत समिति सदस्यों का कहना है कि प्रखंड में संचालित विकास योजनाओं में पारदर्शिता का अभाव है। उनका आरोप है कि निर्णय प्रक्रिया में उन्हें शामिल नहीं किया जाता और कई योजनाएं उनकी जानकारी के बिना ही चलाई जा रही हैं, जिससे क्षेत्र के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सदस्यों ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे और कड़े कदम उठाने को बाध्य होंगे।
कई महीनों से जताई जा रही थी नाराजगी
इस्तीफा देने वाले सदस्यों का कहना है कि पिछले कई महीनों से प्रखंड स्तर पर पदाधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कई बार अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि ऐसी स्थिति में जनप्रतिनिधि बने रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता, इसलिए उन्होंने सामूहिक इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।
प्रशासन ने दी जांच की आश्वासन
वहीं, प्रखंड विकास पदाधिकारी आकांक्षा सिन्हा ने बताया कि पंचायत समिति की बैठक के लिए न्यूनतम 13 सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक होती है, लेकिन संबंधित बैठक में पर्याप्त सदस्य मौजूद नहीं थे, जिसके चलते बैठक स्थगित करनी पड़ी।
प्रशासन का कहना है कि मामले में सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय राजनीति में बढ़ी हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पंचायत स्तर पर बढ़ते विवाद ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो यह विवाद और गहरा सकता है।



