रामनवमी पर माउंट आबू का अनोखा राम मंदिर बना आस्था का केंद्र, 5500 साल पुरानी मान्यता

रामनवमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

माउंट आबू/सिरोही, 26 मार्च (वेब वार्ता)। राजस्थान के सिरोही जिले के माउंट आबू में रामनवमी के अवसर पर भगवान श्रीराम की भक्ति का विशेष उत्सव देखने को मिला। इस पावन दिन पर श्रीसर्वेश्वर रघुनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

बालस्वरूप में विराजमान हैं भगवान राम

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भगवान श्रीराम अकेले बालस्वरूप में विराजमान हैं। उनके साथ न तो माता सीता हैं और न ही लक्ष्मण। मंदिर में स्थापित यह मूर्ति स्वयंभू मानी जाती है और इसका इतिहास करीब 5500 साल पुराना बताया जाता है।

700 साल पुरानी स्थापना की मान्यता

मान्यता है कि लगभग 700 वर्ष पूर्व जगद्गुरु रामानंदाचार्य ने इस मूर्ति को यहां स्थापित किया था। करीब साढ़े तीन फीट ऊंची यह प्रतिमा पूर्व दिशा की ओर मुख किए हुए है, जो इसे राजस्थान का अनोखा मंदिर बनाती है।

रामकुंड से जुड़ी है विशेष आस्था

मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर पहाड़ी के नीचे गुफा में स्थित रामकुंड भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां तक पहुंचने के लिए जंगल के रास्ते से गुजरना पड़ता है।

पवित्र जल से रोग मुक्ति की मान्यता

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम ने गोमुख वशिष्ठ आश्रम में शिक्षा प्राप्त करने के बाद इसी कुंड में स्नान किया था। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस कुंड का जल पीने या स्नान करने से शारीरिक रोगों से मुक्ति और मानसिक शांति मिलती है।

देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु

रामानंद संप्रदाय के साधु आज भी इस मंदिर में विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। रामनवमी और पाटोत्सव जैसे अवसरों पर यहां विशेष कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिनमें देशभर से श्रद्धालु शामिल होते हैं।

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