US Submarine Attack Iranian Warship: हिंद महासागर में अमेरिकी टॉरपीडो हमले से डूबा ईरानी युद्धपोत, 101 नाविक लापता

नई दिल्ली, अन्तर्राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता

US Submarine Attack Iranian Warship: हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास एक गंभीर सैन्य घटना सामने आई है, जहां अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा किए गए टॉरपीडो हमले में ईरान का एक युद्धपोत डूबने का दावा किया गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सबमरीन से दागे गए टॉरपीडो ने ईरानी नौसेना के युद्धपोत को निशाना बनाया, जिसके बाद वह समुद्र में डूब गया। इस US Submarine Attack Iranian Warship घटना में जहाज पर सवार लगभग 180 नाविकों में से कई घायल बताए जा रहे हैं, जबकि 101 नाविक अभी भी लापता हैं। घटना के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

त्वरित जानकारी (Quick Info)

  • घटना: अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत पर हमला
  • स्थान: हिंद महासागर, श्रीलंका तट के पास
  • युद्धपोत: IRIS देना (Iranian Warship)
  • कुल नाविक: लगभग 180
  • लापता: 101 नाविक
  • घायल: करीब 75 नाविक
  • संबंधित देश: अमेरिका, ईरान, श्रीलंका

अमेरिकी पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो से हुआ हमला

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पेंटागन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मंगलवार रात अमेरिकी पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो ने ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाया। उनके अनुसार US Submarine Attack Iranian Warship की यह कार्रवाई द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी दुश्मन नौसैनिक जहाज पर इस तरह के हमले की दुर्लभ घटना मानी जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार हमला अचानक हुआ और जहाज पर मौजूद चालक दल को प्रतिक्रिया देने का पर्याप्त समय नहीं मिला। टॉरपीडो के विस्फोट के बाद जहाज में तेजी से पानी भरने लगा और कुछ ही समय में वह समुद्र में डूब गया।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर रही हैं और कई देशों की नौसेनाएं इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं।

डूबे युद्धपोत से कुछ नौसैनिकों के शव बरामद

श्रीलंका की नौसेना ने बताया कि घटना के बाद समुद्र में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। स्थानीय नौसेना प्रवक्ता बुद्धिका संपथ ने कोलंबो में पत्रकारों को बताया कि जिस समुद्री क्षेत्र में युद्धपोत डूबा, वहां से कुछ नौसैनिकों के शव बरामद किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि लापता नाविकों की तलाश के लिए समुद्री जहाजों और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। जहाज से संकट संदेश मिलने के बाद श्रीलंका ने तत्काल सहायता दल भेजा था, जिससे कुछ नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।

समुद्री सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं US Submarine Attack Iranian Warship जैसे मामलों में खोज और बचाव अभियानों को बेहद चुनौतीपूर्ण बना देती हैं, क्योंकि समुद्र की गहराई और मौसम की स्थिति अक्सर राहत कार्यों को प्रभावित करती है।

भारत के विशाखापत्तनम में भी शामिल हुआ था युद्धपोत

रिपोर्ट के अनुसार ईरान का यह युद्धपोत IRIS देना हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित International Fleet Review में भाग लेने आया था। यह अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक कार्यक्रम विभिन्न देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग और सामरिक संवाद का मंच माना जाता है।

कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद यह जहाज ईरान लौट रहा था। इसी दौरान हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास यह घटना हुई। जहाज के चालक दल ने डूबने से पहले एक जोरदार विस्फोट होने की सूचना दी थी।

रक्षा विश्लेषकों के अनुसार हिंद महासागर की रणनीतिक अहमियत के कारण इस क्षेत्र में कई देशों की सैन्य गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं, जिससे कभी-कभी तनावपूर्ण घटनाएं भी सामने आती हैं।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि US Submarine Attack Iranian Warship की यह घटना अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीतिक संबंधों पर असर डाल सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध रहे हैं और इस घटना से स्थिति और जटिल हो सकती है।

हालांकि इस मामले को लेकर अभी तक ईरान की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

फिलहाल समुद्र में लापता नाविकों की तलाश जारी है और बचाव दल लगातार खोज अभियान चला रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को लेकर वैश्विक चिंता को बढ़ा दिया है।


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