नई दिल्ली, डेस्क | वेब वार्ता
मणिपुर में नई सरकार के गठन के बाद आज से राज्य विधानसभा का सत्र आरंभ हो रहा है। बुधवार को 12वीं विधानसभा का सातवां सत्र बुलाया गया है, जिसमें सरकार के एजेंडे और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर चर्चा होने की संभावना है। यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है, जब राज्य राजनीतिक स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है।
शपथ के बाद सरकार की पहली बैठक
विधानसभा सत्र से पहले मंगलवार देर रात नवगठित सरकार की पहली कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित की गई। यह बैठक मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लगभग एक घंटे बाद हुई।
बैठक में ये वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री रहे शामिल
पहली बैठक में उपमुख्यमंत्री एल. दीखो, नवनियुक्त मंत्री गोविंदास कोंथोजम और के. लोकेन सिंह के साथ मुख्य सचिव डॉ. पुनीत कुमार गोयल भी उपस्थित रहे। बैठक में विधानसभा सत्र की रूपरेखा, प्रशासनिक प्राथमिकताओं और सरकार के शुरुआती फैसलों पर विचार-विमर्श किया गया।
भाजपा को मिला सहयोगी दलों का समर्थन
इस बीच लोक भवन की ओर से जानकारी दी गई कि राज्य में अलग-अलग राजनीतिक दलों ने भारतीय जनता पार्टी को बिना शर्त समर्थन दिया है। इससे सदन में सरकार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
समर्थन देने वाले दलों की स्थिति
| राजनीतिक दल | विधायकों की संख्या |
|---|---|
| नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) | 6 |
| नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) | 5 |
| जनता दल-यूनाइटेड (JDU) | 1 |
| निर्दलीय विधायक | 2 |
विधानसभा सत्र से क्या अपेक्षाएं
विधानसभा सत्र के दौरान सरकार का नीति एजेंडा, विकास कार्यों की दिशा, कानून-व्यवस्था की स्थिति और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष द्वारा भी राज्य से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाया जा सकता है।
- 12वीं विधानसभा का सातवां सत्र आज से शुरू
- नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक संपन्न
- कई दलों का भाजपा को बिना शर्त समर्थन
निष्कर्ष
नई सरकार के गठन के बाद शुरू हो रहा यह विधानसभा सत्र मणिपुर की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार को सदन में स्थिरता मिली है, वहीं अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार सत्र के दौरान राज्य के सामने मौजूद चुनौतियों पर किस तरह के निर्णय लेती है।
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