देवरिया, ममता तिवारी | वेब वार्ता
उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में खसरा-रूबेला (एमआर) जैसी गंभीर बीमारियों से बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एमआर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भलुनी के सभागार में मंगलवार को ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.के. सिन्हा ने की। बैठक में अभियान की रणनीति, माइक्रो प्लान और शत-प्रतिशत टीकाकरण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
16 फरवरी से 27 फरवरी तक चलेगा एमआर टीकाकरण अभियान
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. एस.के. सिन्हा ने बताया कि यह विशेष एमआर टीकाकरण अभियान 16 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान जिले के कक्षा 1 से 5 तक के सभी सरकारी, निजी विद्यालयों एवं मदरसों में अध्ययनरत बच्चों को टीका लगाया जाएगा।
पहले से टीकाकरण के बावजूद लगेगा अतिरिक्त डोज
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस अभियान के अंतर्गत 5 वर्ष से 10 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को एमआर टीके का अतिरिक्त डोज दिया जाएगा। यह डोज उन बच्चों को भी लगाया जाएगा, जिन्हें पहले एमआर टीका लगाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह कदम बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता को और अधिक मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
एमआर टीकाकरण अभियान का संक्षिप्त विवरण
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अभियान अवधि | 16 फरवरी से 27 फरवरी 2026 |
| लक्षित आयु वर्ग | 5 से 10 वर्ष |
| कक्षाएं | कक्षा 1 से 5 |
| विद्यालय | सरकारी, निजी विद्यालय एवं मदरसे |
| टीका | एमआर (खसरा-रूबेला) |
माइक्रो प्लान और पूर्व तैयारी पर विशेष जोर
डॉ. सिन्हा ने अभियान की सफलता के लिए माइक्रो प्लान को बेहद अहम बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि टीकाकरण से एक से दो दिन पूर्व विद्यालय स्तर पर डॉक्टरों, शिक्षा विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ बैठक कर अभियान की पूरी जानकारी साझा की जाए, ताकि बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों में किसी भी प्रकार की भ्रांति या समस्या उत्पन्न न हो।
- विद्यालय स्तर पर पूर्व समन्वय बैठक अनिवार्य
- अभिभावकों को टीकाकरण की स्पष्ट जानकारी
- शत-प्रतिशत बच्चों को कवर करने का लक्ष्य
बैठक में स्वास्थ्य व अन्य विभागों की रही सहभागिता
बैठक में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. शम्भू प्रसाद, एआरओ राकेश चंद्र, बीपीएम विशाल प्रताप सिंह, बीसीपीएम बांसवीर, सीफार व जेएसआई के जिला प्रतिनिधि, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं एएनएम सहित अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
देवरिया जिले में प्रस्तावित यह एमआर टीकाकरण अभियान बच्चों को गंभीर संक्रामक रोगों से बचाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के समन्वय से यदि अभियान का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन होता है, तो जिले में खसरा-रूबेला उन्मूलन के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।
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