मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता: ड्रग तस्कर साजिद इलेक्ट्रिकवाला अपहरण मामले में दो और गिरफ्तार, कुल 14 आरोपी हिरासत में

मुंबई, (वेब वार्ता)। मुंबई क्राइम ब्रांच ने ड्रग तस्कर साजिद इलेक्ट्रिकवाला के अपहरण और जबरन वसूली के सनसनीखेज मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर एक और बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई से पुलिस की जांच को और मजबूती मिली है और यह मामला अब संगठित अपराध से जुड़े और बड़े खुलासों की ओर बढ़ता दिख रहा है।

गिरफ्तार हुए आरोपियों के नाम और पृष्ठभूमि

मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम अरमान मोहम्मद नासिर खान (33) और नीरव सोलंकी (54) हैं। जहां नीरव सोलंकी को गुजरात से गिरफ्तार किया गया, वहीं अरमान खान को मुंबई के गोरेगांव स्थित ओबेरॉय मॉल से गिरफ्तार किया गया।

अब तक इस मामले में कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें से 13 पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं, अरमान खान को पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

कुख्यात गैंगस्टर से कनेक्शन

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अरमान खान, कुख्यात गैंगस्टर सरवर खान का करीबी सहयोगी है और उसका संबंध अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील के भाई अनवर बाबू शेख से भी जुड़ा रहा है। अरमान का आपराधिक इतिहास है और उसने शिकायतकर्ता के अपहरण और फिरौती की मांग में सक्रिय भूमिका निभाई थी।

मकोका लगाने की तैयारी

क्राइम ब्रांच ने सभी 14 आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाने की प्रस्तावना तैयार कर ली है। इससे यह मामला और भी गंभीर कानूनी दिशा में आगे बढ़ेगा। जांच अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला संगठित आपराधिक गिरोहों की नेटवर्किंग का हिस्सा है।

अपहरण का कारण और पृष्ठभूमि

इससे पहले 16 जुलाई को क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश के कानपुर से अपहृत साजिद इलेक्ट्रिकवाला को मुक्त कराया था। प्रारंभिक जांच के मुताबिक, साजिद का अपहरण मुंबई के पश्चिमी उपनगर से हुआ था और इसके पीछे ड्रग्स और पैसों से जुड़ा विवाद मुख्य कारण था।

साजिद इलेक्ट्रिकवाला मुंबई से अंतरराष्ट्रीय एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स का एक बड़ा सिंडिकेट चलाता था। पुलिस को शक है कि एक रियल एस्टेट एजेंट, जो उसका सहयोगी था, अपहरण की साजिश में शामिल रहा है। पुलिस का मानना है कि अपहरण की वजह एमडी ड्रग के पैसों का विवाद था।

पुलिस की सतर्कता और आगे की रणनीति

मुंबई क्राइम ब्रांच इस पूरे मामले को संगठित आपराधिक गिरोहों की गतिविधियों के तौर पर देख रही है और आगे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है। पुलिस लगातार ड्रग माफिया नेटवर्क को तोड़ने के प्रयास में लगी हुई है।

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