Monday, January 26, 2026
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उत्तरकाशी में बादल फटने से मची भारी तबाही, सीएम धामी ने कहा – रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तरकाशी, (वेब वार्ता)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली क्षेत्र में मंगलवार सुबह बादल फटने की घटना ने एक बार फिर राज्य को प्राकृतिक आपदा के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस आपदा में एक गांव के बह जाने की पुष्टि हुई है और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। घटना के तुरंत बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड और सेना की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं।


📍 कहाँ और कैसे हुई घटना?

सुबह के समय, उत्तरकाशी के हर्षिल घाटी के पास धराली गांव में अचानक तेज गर्जना और भारी बारिश के बाद बादल फटने की घटना हुई। कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में तेज बहाव के साथ मलबा भर गया, जिससे एक गांव पूरी तरह बह गया और आसपास के कई घर, दुकानें और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं।

स्थानीय धराली बाजार में पानी घुस गया और दुकानें बह गईं। खीर गाढ़ क्षेत्र में भी जल स्तर के अचानक बढ़ने से कई रास्ते बंद हो गए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।


🚑 रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा—

“धराली (उत्तरकाशी) क्षेत्र में बादल फटने से हुए भारी नुकसान का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन तथा अन्य संबंधित टीमें युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं।”

सीएम धामी ने कहा कि वे लगातार वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना भी की।


🛑 स्थानीय प्रशासन की चेतावनी

उत्तराखंड पुलिस ने भी घटना की पुष्टि करते हुए लोगों से नदी के किनारों से दूर रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा:

“धराली, खीर गाढ़ में जलस्तर बढ़ने से बाजार क्षेत्र में नुकसान की सूचना है। सभी आपदा प्रबंधन टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।”

लोगों से कहा गया है कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें।


⛈️ आईएमडी ने पहले ही जारी किया था अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 अगस्त को ही उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी और चमोली जैसे जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया था। इसके बावजूद अचानक आई आपदा ने एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


🤲 मानवता के लिए अपील

स्थानीय सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवकों से राहत कार्यों में सहयोग की अपील की गई है। रक्तदान, राहत सामग्री, तात्कालिक चिकित्सा सहायता देने के लिए सरकार से साथ देने की जरूरत है।

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