बलरामपुर, क़मर खान | वेब वार्ता
बलरामपुर में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शिवपुरा स्थित दिव्या अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। जांच में पाया गया कि यह सेंटर बिना पंजीकरण के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। यह कार्यवाही पीसीपीएनडीटी अधिनियम (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques Act) के प्रावधानों और स्वास्थ्य विभाग के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
बिना पंजीकरण के चल रहा था अल्ट्रासाउंड सेंटर
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि दिव्या अल्ट्रासाउंड सेंटर का न तो वैध पंजीकरण कराया गया था और न ही इसके संचालन की कोई स्वीकृति प्राप्त थी। यह केंद्र लंबे समय से बिना किसी कानूनी अनुमति के संचालन में था, जो न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है बल्कि भ्रूण लिंग परीक्षण जैसे संवेदनशील मामलों में दुरुपयोग की आशंका भी उत्पन्न करता है।
प्रशासनिक टीम ने मौके पर की कार्रवाई
जिलाधिकारी के निर्देश और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। इस दौरान अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, पटल सहायक राजेश सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए पूरे परिसर को सील किया और संबंधित अभिलेखों की जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित करने वालों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
- दिव्या अल्ट्रासाउंड सेंटर बिना पंजीकरण के चलाया जा रहा था।
- प्रशासन ने केंद्र को सील कर जांच शुरू की।
- अवैध रूप से चलने वाले केंद्रों पर आगे भी होगी कार्रवाई।
भ्रूण लिंग परीक्षण पर जीरो टॉलरेंस नीति
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि जनपद में भ्रूण लिंग परीक्षण और बिना पंजीकरण स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे केंद्र न केवल कानून का उल्लंघन करते हैं बल्कि समाज में लिंगानुपात असंतुलन जैसी गंभीर समस्या को भी बढ़ावा देते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाई जाएगी।
निष्कर्ष: अवैध स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशासन का सख्त रुख
बलरामपुर प्रशासन की यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी किसी भी अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर या बिना अनुमति स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को बख्शा नहीं जाएगा।
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