मकर संक्रांति पर सीएम योगी ने गुरु गोरखनाथ को अर्पित की आस्था की खिचड़ी, प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना

गोरखपुर, अजय कुमार | वेब वार्ता

मकर संक्रांति-खिचड़ी पर्व के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त में गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को विधि-विधान से आस्था की पवित्र खिचड़ी अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिवावतार महायोगी से लोकमंगल और प्रदेशवासियों के सुखमय व समृद्ध जीवन की मंगलकामना की।

खिचड़ी अर्पित कर सीएम योगी ने दीं मकर संक्रांति की शुभकामनाएं

Yogi Adityanath Offers Khichdi to Guru Gorakhnath on Makar Sankranti 1

गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी नागरिकों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बुधवार से ही पूरे प्रदेश में लाखों श्रद्धालु पवित्र धर्मस्थलों पर पहुंचकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। गोरखपुर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित की है।

लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से भक्तिमय हुआ गोरखनाथ मंदिर

मुख्यमंत्री ने बताया कि गुरुवार को भी गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु पंक्ति में लगकर श्रद्धापूर्वक महायोगी गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति गोरक्षपीठ की आध्यात्मिक परंपरा और जनआस्था को दर्शाती है।

  • ब्रह्म मुहूर्त में सीएम योगी ने संपन्न की विशेष पूजा
  • लाखों श्रद्धालुओं ने गोरखनाथ मंदिर में की खिचड़ी अर्पित
  • प्रदेश और देश के सुख-समृद्धि की कामना

‘बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाना मेरा सौभाग्य’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान गोरखनाथ जी के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करने के लिए श्रद्धालुजन सुबह से ही मंदिर परिसर में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी प्रातः 4 बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा के उपरांत भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ।”

सूर्यदेव को बताया जगत की आत्मा

मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं। सूर्य उपासना का यह पर्व हर प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत प्रशस्त माना जाता है। उन्होंने बताया कि धनु राशि से मकर राशि में सूर्य के प्रवेश को मकर संक्रांति कहा जाता है और इसके साथ ही उत्तरायण काल की शुरुआत होती है, जिसमें दिन बड़े और रात्रि छोटी होने लगती है।

देशभर में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है मकर संक्रांति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मकर संक्रांति ऐसा पर्व है, जिसे देश के हर हिस्से में अलग-अलग नाम और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। पूर्वी भारत में बिहू और तिलवा संक्रांति, पश्चिम में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल और उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति के रूप में यह पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

प्रयागराज और गोरखपुर में उमड़ी आस्था की भीड़

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक ओर गोरखपुर में लाखों श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं, वहीं प्रयागराज में भी संगम तट पर श्रद्धालु, कल्पवासी और संतजन मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के सानिध्य में पवित्र स्नान कर रहे हैं। यह दृश्य भारतीय सनातन परंपरा की जीवंतता को दर्शाता है।

निष्कर्ष: आस्था, परंपरा और लोकमंगल का पर्व

मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने पर्व की आध्यात्मिक गरिमा को और बढ़ा दिया। गुरु गोरखनाथ के प्रति आस्था, सूर्य उपासना और लोकमंगल की कामना के साथ यह पर्व प्रदेशवासियों के लिए नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश लेकर आया है।

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