राष्ट्र की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास चिंतनीय : धनखड़

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास चिंतनीय है और ऐसे प्रयासों की जड़ में जाकर इनका समूल नाश करना चाहिए।

श्री धनखड़ ने आज यहां “वैश्विक मैडिटेशन लीडर्स” के सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास का अमेरिकी राष्ट्रपति का खुलासा चौंकाने वाला है।

उप राष्ट्रपति ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। चुनावी प्रणाली को नुकसान पहुँचाने के प्रयास किये गये। इसके लिए भारी धनराशि दी गयी। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से निपटने के लिए चाणक्य की नीतियों को अपनाना चाहिए। उनकी जड़ों तक जाना चाहिए और इसे समूल नष्ट करना चाहिए।

श्री धनखड़ ने कहा, ‘‘हमें यह पता लगाना चाहिए कि वे कौन लोग हैं जिन्होंने इस प्रकार के कृत्य को स्वीकार किया। हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर इतना बड़ा कुठाराघात किया गया। उन ताकतों से मुकाबला करना हमारा राष्ट्रधर्म है। हमें उन्हें बेनकाब करना होगा।” उन्होंने कहा कि भारत की पाँच हज़ार साल पुरानी संस्कृति है। भारत के सामने चुनौतियाँ हैं। इनमें अप्राकृतिक जनसांख्यिकीय विस्थापन और धर्म परिवर्तन प्रमुख हैं। इनका उद्देश्य किसी तरह से भारत पर कब्जा करना है। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक खतरनाक मकसद के साथ साजिश है। वित्तीय रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो हमें दास बनाने की दिशा में हो रहा है।”

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