मुंबई, 28 अप्रैल (वेब वार्ता)। महाराष्ट्र के मीरा रोड इलाके में हुए चाकू हमले के मामले ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। मामले की जांच ‘लोन वुल्फ’ यानी अकेले हमले के एंगल से की जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शुरुआती जांच में आरोपी के घर से संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आरोपी के व्यवहार और मिले तथ्यों से संकेत मिलता है कि वह कट्टर विचारों से प्रभावित था। उन्होंने कहा कि जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की सोच धार्मिक आधार पर हिंसा की ओर झुकी हुई थी। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
फडणवीस के अनुसार, आरोपी पहले अमेरिका में रह चुका था और हाल ही में भारत लौटा था। उसके घर से कुछ ऐसी सामग्री मिली है, जो भ्रामक जानकारी फैलाने वाली हो सकती है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी देखा जाएगा कि उसके पीछे कोई नेटवर्क या साजिश तो नहीं है।
यह घटना सोमवार को उस समय हुई जब 31 वर्षीय आरोपी ने मीरा रोड के नया नगर इलाके में एक निर्माण स्थल पर तैनात दो सुरक्षा गार्डों पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के अनुसार, घटना से पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठा। कुछ आरोप यह भी हैं कि हमलावर ने धार्मिक आधार पर दबाव बनाया, हालांकि पुलिस सभी तथ्यों की पुष्टि में जुटी है।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई, जिसे देखते हुए पुलिस और आतंकवाद निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को लगभग तीन घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच महाराष्ट्र एटीएस के साथ-साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी को भी सौंपी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा व्यापक रखा गया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश तो नहीं है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से मामले की गहन जांच कर रही हैं।



