-इरशान सईद
नई दिल्ली, 16 मई (वेब वार्ता)। राजधानी में निगम क्षेत्र के अंतर्गत व्यापक हाउसिंग सर्वे का कार्य शनिवार से शुरू हो गया। हालांकि सर्वे की औपचारिक शुरुआत से पहले तैनात कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों की मैपिंग करेंगे, ताकि कोई भी मकान सर्वे से छूट न जाए। दिल्ली के सभी 12 जिलों में यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आगामी दो से तीन दिनों तक हाउसिंग ब्लॉकों में मौजूद मकानों की पहचान और चिन्हांकन का कार्य किया जाएगा। इसके बाद सोमवार अथवा मंगलवार से कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
पूर्वी जिला डीएम अमोल श्रीवास्तव ने बताया कि एक से 15 मई तक नागरिकों को हाउसिंग सर्वे से संबंधित जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा दी गई थी। अब 16 मई से जमीनी स्तर पर सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पहले अपने निर्धारित क्षेत्रों की पहचान करेंगे और उसके बाद मकानों में जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।
उन्होंने बताया कि पूर्वी दिल्ली को 26 वार्डों में विभाजित किया गया है तथा प्रत्येक वार्ड के लिए अलग इंचार्ज नियुक्त किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से गणना कार्य में लगे कर्मचारियों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए कर्मचारियों को पूर्व में प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि सर्वे कार्य सुचारु रूप से पूरा किया जा सके।
डीएम अमोल श्रीवास्तव ने नागरिकों से अपील की कि वे सर्वे कर्मचारियों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं और सर्वे प्रक्रिया में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि घर पहुंचने वाले कर्मचारियों का पहचान पत्र देखकर तथा उस पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर नागरिक उनका सत्यापन भी कर सकते हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार निगम क्षेत्र में लगभग 32 लाख मकानों का हाउसिंग सर्वे किया जाना है। इस बड़े अभियान के लिए करीब 50 हजार कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सर्वे के दौरान कर्मचारियों द्वारा कुल 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं जिन लोगों ने पहले ही ऑनलाइन जानकारी दर्ज कर दी है, उनके मामलों में केवल दस्तावेजों और जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।




