ट्रंप के चीन दौरे पर दुनिया की नजर, 17 बड़ी अमेरिकी कंपनियों के प्रमुख भी होंगे शामिल

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वॉशिंगटन/बीजिंग, 13 मई (वेब वार्ता)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित तीन दिवसीय चीन दौरे को लेकर वैश्विक स्तर पर उत्सुकता बढ़ गई है। राष्ट्रपति ट्रंप अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ बुधवार को बीजिंग पहुंचेंगे, जहां वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कई अहम वैश्विक और व्यापारिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस दौरे को अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापारिक तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अमेरिका की 17 बड़ी कंपनियों के प्रमुख भी चीन जा रहे हैं। इनमें एलन मस्क, टिम कुक, लैरी फिंक, स्टीफन श्वार्जमैन, केली ऑर्टबर्ग, ब्रायन साइक्स, जेन फ्रेजर, जिम एंडरसन, एच. लॉरेंस कल्प, डेविड सोलोमन, जैकब थायसेन, माइकल मीबैक, दीना पॉवेल मैककॉर्मिक, संजय मेहरोत्रा, क्रिस्टियानो अमोन, रयान मैकइनर्नी और चक रॉबिन्स शामिल हैं। इन उद्योग जगत के दिग्गजों की मौजूदगी से स्पष्ट है कि इस यात्रा का मुख्य केंद्र व्यापार और निवेश रहेगा।

यह डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रपति के रूप में चीन की दूसरी यात्रा होगी। इससे पहले वह वर्ष 2017 में चीन गए थे। इस बार यात्रा का प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर बने तनाव को कम करना और व्यापारिक विवादों का समाधान तलाशना बताया जा रहा है। अमेरिका के चीन को होने वाले 525 अरब डॉलर से अधिक के निर्यात पर भी इस विवाद का असर पड़ रहा है।

अमेरिकी उप प्रेस सचिव अन्ना केली के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप बुधवार शाम बीजिंग पहुंचेंगे। बृहस्पतिवार को उनका औपचारिक स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी। शुक्रवार को दोनों नेता चाय और दोपहर भोज के दौरान भी मुलाकात करेंगे। अमेरिका भविष्य में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पारस्परिक यात्रा की मेजबानी भी करेगा।

सूत्रों के अनुसार, इस दौरान व्यापार, टैरिफ, तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ताइवान, अमेरिकी हथियारों की बिक्री, दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति, ईरान और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक संसाधनों पर भी विशेष फोकस रहेगा।

राष्ट्रपति ट्रंप अपने दौरे के दौरान बीजिंग स्थित ऐतिहासिक टेंपल ऑफ हेवन का भी भ्रमण करेंगे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सबसे अधिक नजर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उससे जुड़े कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हुई है। ट्रंप की यात्रा से पहले ईरान के विदेश मंत्री का चीन दौरा भी कई संकेत दे रहा है, जिससे यह बैठक और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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