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सीबीएसई की नई त्रिभाषा नीति पर बड़ा फैसला, मौजूदा 10वीं के छात्रों को नहीं देना होगा तीसरी भाषा का बोर्ड एग्जाम

रायपुर | शिक्षा डेस्क | वेब वार्ता

CBSE Three Language Policy को लेकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र में कक्षा 10वीं के छात्रों पर नई त्रिभाषा नीति लागू नहीं होगी। साथ ही कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं में अध्ययनरत मौजूदा विद्यार्थियों को भी कक्षा 10वीं में पहुंचने पर तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। बोर्ड ने यह भी कहा कि नई व्यवस्था के अनुरूप संसाधन सामग्री चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी।

⚡ संक्षिप्त वार्ता (Quick Info)

  • सीबीएसई ने त्रिभाषा नीति पर नए दिशा-निर्देश जारी किए।
  • मौजूदा 10वीं के छात्रों पर नई नीति लागू नहीं होगी।
  • वर्तमान 7वीं, 8वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को भी तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।
  • नई व्यवस्था के लिए संसाधन सामग्री समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी।
  • बोर्ड ने चरणबद्ध तरीके से नीति लागू करने की बात कही।
  • निर्देशों का उद्देश्य विद्यार्थियों पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव से बचाना है।

CBSE Three Language Policy में क्या बदलाव किए गए?

सीबीएसई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, वर्तमान कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को नई त्रिभाषा नीति का पालन नहीं करना होगा। यानी इस बैच के छात्रों के लिए तीसरी भाषा से संबंधित नई व्यवस्था लागू नहीं की जाएगी।

इसके अलावा वर्तमान में कक्षा 7वीं, 8वीं और 9वीं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी जब वे कक्षा 10वीं में पहुंचेंगे, तब तीसरी भाषा में बोर्ड परीक्षा देने की अनिवार्यता नहीं होगी।

CBSE द्वारा जारी दिशानिर्देश यहाँ क्लिक करके पढ़ें (Click here to read complete guidelines issued by CBSE) 

सीबीएसई ने यह फैसला क्यों लिया?बोर्ड का उद्देश्य नई भाषा नीति को चरणबद्ध तरीके से लागू करना है, ताकि विद्यार्थियों, स्कूलों और शिक्षकों को नई व्यवस्था के अनुरूप पर्याप्त समय मिल सके। इससे संक्रमण काल में छात्रों पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव भी नहीं पड़ेगा।

नई गाइडलाइन की प्रमुख बातें

विषयनिर्देश
मौजूदा कक्षा 10वींनई त्रिभाषा नीति लागू नहीं होगी
वर्तमान कक्षा 7, 8 और 9कक्षा 10वीं में तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी
संसाधन सामग्रीसमयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी
नीति का क्रियान्वयनचरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा
उद्देश्यविद्यार्थियों और स्कूलों को पर्याप्त तैयारी का समय देना

स्कूलों को भी मिलेगी तैयारी का समय

सीबीएसई ने कहा है कि नई भाषा नीति के अनुरूप आवश्यक अध्ययन सामग्री, शैक्षणिक संसाधन और अन्य सहयोगी सामग्री समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे स्कूलों को नई व्यवस्था लागू करने में सुविधा मिलेगी।

बोर्ड का मानना है कि व्यवस्थित और चरणबद्ध क्रियान्वयन से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी तथा नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा।

इस फैसले का छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?इस निर्णय से वर्तमान विद्यार्थियों को तत्काल किसी अतिरिक्त बोर्ड परीक्षा या नई भाषा संबंधी अनिवार्यता का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही स्कूलों को भी नई नीति के अनुरूप आवश्यक तैयारियां पूरी करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

चरणबद्ध तरीके से लागू होगी नई व्यवस्था

सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि त्रिभाषा नीति को लागू करने की प्रक्रिया क्रमिक रूप से आगे बढ़ेगी। बोर्ड समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश और अध्ययन सामग्री जारी करता रहेगा।

नई गाइडलाइन से लाखों छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को फिलहाल बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

 

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