Friday, May 24, 2024
Homeकारोबारइंटरनेशनल एयर पैसेंजर ट्रैफिक में होगा घरेलू एयरलाइंस का दबदबा, FY2027-28 तक...

इंटरनेशनल एयर पैसेंजर ट्रैफिक में होगा घरेलू एयरलाइंस का दबदबा, FY2027-28 तक होगी 50% हिस्सेदारी, क्रिसिल का अनुमान

नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। भारतीय एयरलाइन कंपनियों का दबदबा आने वाले सालों में बढ़ने वाला है। दुनिया की जानी-मानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने सोमवार को कहा कि वित्तीय वर्ष 2027-28 तक देश के आधे इंटरनेशनल एयर पैसेंजर ट्रैफिक को भारतीय एयरलाइंस के द्वारा पूरा किए जाने की उम्मीद है। पीटीआई की खबर के मुताबिक, इंटरनेशनल एयर पैसेंजर ट्रैफिक में भारतीय एयरलाइनों की हिस्सेदारी जिसमें शुरुआती या खत्म होने के साथ-साथ देश के माध्यम से स्थानांतरित होने वाला यातायात शामिल है, 2027-28 तक 700 आधार अंक बढ़कर लगभग 50 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 43 प्रतिशत थी।

इस वजह से मिलेगा बल

खबर के मुताबिक, क्रिसिल रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि यह सुधार भारतीय एयरलाइनों द्वारा अतिरिक्त विमान तैनात करने और अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में नए रूट्स को जोड़ने के साथ-साथ विदेशी एयरलाइन की तुलना में बेहतर घरेलू कनेक्टिविटी के उनके लाभ से प्रेरित होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय यातायात में उनकी बढ़ती हिस्सेदारी से भारतीय एयरलाइन कंपनियों की व्यावसायिक प्रोफ़ाइल मजबूत होगी, जो घरेलू सेगमेंट की तुलना में अधिक लाभदायक है।

वित्त वर्ष 2024 में इंटरनेशनल एयर पैसेंजर ट्रैफिक

क्रिसिल के मुताबिक, भारत का इंटरनेशनल एयर पैसेंजर ट्रैफिक महामारी से प्रभावित वित्त वर्ष 2021 में 10 मिलियन के निचले स्तर से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में लगभग 70 मिलियन हो गया है, और महामारी-पूर्व स्तर को पार कर गया है। इसमें कहा गया है कि भारतीय एयरलाइंस की हिस्सेदारी, जो पहले लगातार बढ़ रही थी, महामारी के बाद से गति पकड़ी है। क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक और उप मुख्य रेटिंग अधिकारी मनीष गुप्ता ने कहा कि बढ़ती डिस्पोजेबल आय, वीजा जरूरतों को आसान बनाना, एयरपोर्ट की बढ़ती संख्या और बढ़ी हुई हवाई यात्रा कनेक्टिविटी अंतरराष्ट्रीय यात्रा को बढ़ावा दे रही है।

इंटरनेशनल एयर पैसेंजर ट्रैफिक में होगी बढ़ोतरी

गुप्ता ने कहा कि भारत को पर्यटन का केंद्र बनाने पर सरकार का ध्यान भी आने वाले ट्रैफिक को बढ़ावा दे सकता है। अगले चार वित्तीय वर्षों में अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात में 10-11 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) होने की संभावना है, जबकि महामारी से पहले के चार वर्षों में यह सिर्फ 5 प्रतिशत सीएजीआर थी। भारतीय एयरलाइंस ने पिछले 15 महीनों में 55 नए अंतरराष्ट्रीय मार्ग जोड़े हैं, जिससे उनकी संख्या 300 से अधिक हो गई है।

इनमें संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया में अतिरिक्त शहरों से लोकप्रिय लंबी दूरी के गंतव्यों के लिए सीधी फ्लाइट्स शामिल हैं, जो उड़ान के समय को प्रभावी ढंग से कम करती हैं और लेओवर को खत्म करती हैं। क्रिसिल ने कहा कि विदेशी एयरलाइनों की तुलना में भारतीय एयरलाइनों को देश के अंतरराष्ट्रीय यातायात का एक बड़ा हिस्सा हासिल करने में कुछ प्राकृतिक फायदे हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

हमारे बारें में

वेब वार्ता समाचार एजेंसी

संपादक: सईद अहमद

पता: 111, First Floor, Pratap Bhawan, BSZ Marg, ITO, New Delhi-110096

फोन नंबर: 8587018587

ईमेल: webvarta@gmail.com

सबसे लोकप्रिय

Recent Comments