नई दिल्ली, 27 अप्रैल (वेब वार्ता)। आठवें वेतन आयोग को लेकर देशभर में बैठकों का दौर जारी है और कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को तेज कर दिया है। हाल ही में देहरादून में हुई बैठक के बाद अब राजधानी में भी इस विषय पर चर्चा आगे बढ़ रही है। विभिन्न संगठनों द्वारा वेतन, भत्तों और सुविधाओं में सुधार को लेकर विस्तृत प्रस्ताव आयोग के समक्ष रखे जा रहे हैं।
इन मांगों में प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच प्रमुख रूप से शामिल है, जो केंद्र सरकार के शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन ने शिक्षा भत्ता, यात्रा भत्ता और अवकाश संबंधी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव आयोग को सौंपे हैं।
शिक्षा भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी की मांग
संगठन ने बच्चों की शिक्षा के लिए मिलने वाले भत्ते को मौजूदा लगभग 2,812 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की है। उनका तर्क है कि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों के लिए बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करना कठिन होता जा रहा है।
इसके साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि यह सुविधा केवल बारहवीं तक सीमित न रहकर स्नातक स्तर तक लागू की जाए, ताकि उच्च शिक्षा में भी कर्मचारियों को राहत मिल सके।
डिजिटल भत्ता शुरू करने का प्रस्ताव
नए दौर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हर महीने 2,000 रुपये का डिजिटल सहायता भत्ता देने की मांग भी उठी है। इसमें इंटरनेट, ऑनलाइन शिक्षा और आधुनिक तकनीक से जुड़ी जरूरतों को शामिल करने का प्रस्ताव है। यह पहली बार है जब इस प्रकार का भत्ता वेतन आयोग के समक्ष रखा गया है।
यात्रा भत्ता बढ़ाने पर जोर
कर्मचारी संगठनों ने यात्रा भत्ते में भी वृद्धि की मांग की है। प्रस्ताव है कि इसे मूल वेतन का 12 से 15 प्रतिशत किया जाए या न्यूनतम 9,000 रुपये और महंगाई भत्ते के साथ निर्धारित किया जाए।
वर्तमान में विभिन्न स्तरों पर यह भत्ता 1,800 रुपये, 3,600 रुपये और 7,200 रुपये के रूप में मिलता है, जिसे अपर्याप्त बताया गया है।
अवकाश और सेवानिवृत्ति लाभ बढ़ाने का सुझाव
संगठन ने अवकाश नीति में भी बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत आकस्मिक अवकाश को बढ़ाकर 14 दिन, अर्जित अवकाश 30 दिन और चिकित्सा अवकाश 20 दिन करने की मांग रखी गई है।
इसके अलावा सेवानिवृत्ति के समय अर्जित अवकाश नकदीकरण की सीमा को 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने का सुझाव दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को अधिक आर्थिक लाभ मिल सके।
निर्णयों पर टिकी कर्मचारियों की नजर
आठवें वेतन आयोग की इन बैठकों से कर्मचारियों को बड़ी उम्मीदें हैं। यदि इन प्रस्तावों को स्वीकार किया जाता है, तो लाखों सरकारी कर्मचारियों को सीधा लाभ मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजर आयोग के अंतिम निर्णयों पर टिकी हुई है, जो आने वाले समय में वेतन और भत्तों की दिशा तय करेंगे।



