कांग्रेस ने चीन पर सैम पित्रोदा के बयान से किया किनारा

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नई दिल्ली, (वेब वार्ता)। कांग्रेस ने चीन को लेकर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा के बयान से किनारा कर लिया हैं। पार्टी महासचिव (संचार) एवं राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने आज यहां कहा कि सैम पित्रोदा का बयान कांग्रेस का बयान नहीं है।

जयराम रमेश ने एक बयान में कहा कि सैम पित्रोदा द्वारा चीन पर व्यक्त किए गए कथित विचार निश्चित रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विचार नहीं हैं। जयराम रमेश ने कहा कि चीन हमारी विदेश नीति, बाह्य सुरक्षा और आर्थिक क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चीन के प्रति मोदी सरकार के दृष्टिकोण पर बार-बार सवाल उठाए हैं, जिसमें 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से चीन की दी गई क्लीनचिट भी शामिल है। चीन पर हमारा सबसे हालिया बयान 28 जनवरी 2025 को जारी किया गया था लेकिन यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि संसद को इस स्थिति पर चर्चा करने और इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान निकालने के लिए सामूहिक संकल्प व्यक्त करने का अवसर नहीं दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा ने कहा था कि मैं चीन से खतरे को नहीं समझ पा रहा हूं। मुझे लगता है कि इस मुद्दे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, क्योंकि अमेरिका में दुश्मन को परिभाषित करने की प्रवृत्ति है। मेरा मानना ​​है कि अब समय आ गया है कि सभी देश आपस में सहयोग करें, न कि टकराव करें। हमारा दृष्टिकोण शुरू से ही टकराव वाला रहा है और इस रवैये से दुश्मन पैदा होते हैं, जो बदले में देश के भीतर समर्थन हासिल करते हैं। हमें इस मानसिकता को बदलने की जरूरत है और यह मानना ​​बंद करना होगा कि चीन पहले दिन से ही दुश्मन है। यह न केवल चीन के लिए, बल्कि सभी के लिए अनुचित है।

सैम पित्रोदा के बयान पर आज भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सैम पित्रोदा के बयान को गलवान घाटी में बलिदान हुए जवानों का अपमान बताया। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सैम पित्रोदा के बयान में बोल जरूर सैम पित्रोदा के अपने हैं लेकिन संगीत जॉर्ज सोरोस का है। सैम पित्रोदा राहुल गांधी के गुरु हैं। राहुल गांधी ने पीपुल्स लिबरेशन पार्टी ऑफ चाइना के साथ एक गुप्त संधि पर भी हस्ताक्षर किए हैं। राजीव गांधी ने चीन से फंड लिया था। जवाहर लाल नेहरू ने अक्साई चिन और यूएनएससी में भारत की सीट चीन को दे दी। कांग्रेस और चीन की दोस्ती काफी पुरानी है। उन्होंने कहा कि सैम पित्रोदा राजीव गांधी फाउंडेशन को मिले कर्ज के दबाव में यह बोल रहे हैं। क्या यह गलवान के शहीदों का अपमान है या नहीं ?

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