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‘हिम्मत है तो संसद में आकर चर्चा करें’, करनाल में राहुल गांधी को अमित शाह ने दी चुनौती

करनाल, 05 नवंबर (वेब वार्ता)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के करनाल में भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के समापन पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बौखलाए हुए हैं, इसलिए हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ते हैं।

अमित शाह ने कहा कि आज भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रैली का अंतिम दिन है। 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक देशभर के सभी मुख्यालयों पर इस रैली का आयोजन किया गया। हर जगह इसी प्रकार का उत्साह और ऐसी ही भीड़ देखने को मिली।

अमित शाह ने कहा कि लगातार तीसरी बार देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री चुना। 2024 में तीसरी बार बड़े बहुमत के साथ मोदी प्रधानमंत्री चुनकर आए। 2024 के बाद लगातार राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की हार हुई।

उन्होंने कहा कि 2024 के बाद देश भर में जो चुनाव हुए, उसमें लगातार देश की जनता ने राहुल गांधी को और कांग्रेस पार्टी को हराने का काम किया। सबसे पहला चुनाव हरियाणा में हुआ, वहां कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। हरियाणा की जनता ने नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया। पहले दो बार मनोहर लाल को मुख्यमंत्री बनाया, तीसरी बार नायब सिंह सैनी को सीएम बनाया। महाराष्ट्र के चुनाव में भी इनका सूपड़ा साफ हो गया।

उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा जीती, दिल्ली में तीन दशक के बाद भाजपा जीती। असम हम जीत गए। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का सूपड़ा साफ हो गया। पुडुचेरी में भी भाजपा की सरकार बनी। देश की जनता आपके (राहुल गांधी, कांग्रेस और इंडी गठबंधन) साथ नहीं है।

अमित शाह ने कहा कि लोकतंत्र में संसद चर्चा का सर्वोपरि स्थान है। राहुल गांधी जी आप संसद चलने नहीं देते हो, मुद्दों पर

चर्चा नहीं करते हो। संसद में शोर-शराबा, बहिष्कार करने को आपने कांग्रेस का कल्चर बना दिया है।

उन्होंने कहा कि संसद चलने नहीं देनी है और रोड पर भीड़ इकट्ठा करके अराजकता फैलाने वाले की तरह अराजकता फैलानी है। अमित शाह ने कहा कि देश की जनता को तय करना है कि देश की कानून बनाने की प्रक्रिया, देश की समस्याओं पर चर्चा, देश की जनता की भलाई के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं पर चर्चा रोड पर नहीं बल्कि संसद में होगी।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अगर सड़क पर चर्चा करने का इतना ही शौक है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। आप पीएम मोदी को कहते हो स्थान बताओ, वो तो बाद में आएंगे। आप हमें हरियाणा के किसी चौराहे का स्थान बताओ, मेरा युवा मोर्चा का अध्यक्ष आकर आपसे चर्चा करेगा।

अमित शाह ने कहा कि ‘राहुल बाबा’ जानते हैं कि वह हारने वाले हैं, इसलिए वह अपनी हार के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर की प्रक्रिया को दोष देते हैं। राहुल गांधी बौखलाए हुए हैं, हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ते हैं’। उन्होंने सवाल किया, ‘राहुल बाबा’, 2014 में एसआईआर कहां थी? तब भी आप पूरी तरह साफ हो गए थे। 2019 में एसआईआर कहां थी? आप हार गए। 2024 में भी कोई एसआईआर नहीं थी, फिर भी आप हार गए। हरियाणा में कोई एसआईआर नहीं थी। महाराष्ट्र में कोई एसआईआर नहीं थी। आप हर जगह हारे और अब आप दावा करते हैं कि एक करोड़ वोट हटा दिए गए। राहुल गांधी बौखलाए हुए हैं और हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ते हैं।

अमित शाह ने राहुल गांधी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि आप पीएम नरेंद्र मोदी को चर्चा के लिए चुनौती देते हो? अगर चर्चा करनी है, तो बस पीएम मोदी को पत्र लिख दो। हम एसआईआर प्रक्रिया पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार हैं।

अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी की पार्टी घुसपैठियों के नाम दर्ज कराने के लिए एसआईआर का विरोध कर रही है। भाजपा का संकल्प है, हम घुसपैठियों को ढूंढेंगे, मतदाता सूची से निकालेंगे। इसके बाद चुन-चुनकर देश से बाहर निकालने का काम करेंगे। कांग्रेस वालों की रैली वोट बचाने के लिए नहीं, घुसपैठिया बचाने की रैली है।

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि हमारी एक-एक रैली में हजारों लोग होते हैं। आपने दिल्ली में पूरे देश से लोग बुलाए, 10 लाख लोगों का आह्वान किया, मैदान की क्षमता ही 70 हजार है, वो भी आधा खाली था। अब जनता आपके चढ़ावे में नहीं आने वाली।

उन्होंने कहा कि इन्होंने रैली का दिन चुना 1 नवंबर। सबको याद है कि 1 नवंबर 1984 को सिख दंगे कांग्रेस पार्टी ने कराए थे और हजारों निर्दोष सिखों का नरसंहार किया गया था। हमारे यहां कोई भी काम लेने जाता है, तो पूछते हैं कि पहले क्या करते थे? राहुल गांधी से भी जनता पूछती है कि अपना पहले का रिकॉर्ड बताइए।

उन्होंने बताया कि 2007 में राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के महासचिव बने, तब इनके 1200 विधायक थे। जब ये उपाध्यक्ष बने तो 900 विधायक रह गए। अध्यक्ष बने, तो इनके विधायकों की संख्या 900 से घटकर 700 रह गई। 2022 में भारत जोड़ो यात्रा निकाली तो वो और भी कम होकर 600 रह गए।

अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी जबसे आप आए हो, कांग्रेस पार्टी के विधायक लगातार कम हो रहे हैं और जबसे पीएम मोदी आए हैं, तबसे भाजपा के विधायक और सांसद लगातार बढ़ रहे हैं।

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