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मानसिक रोगियों के अधिकारों और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक

लक्ष्मीकान्त पाठक
हरदोई (वेबवार्ता)। मानसिक रोग एवं बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों तथा नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और उनसे बचाव को लेकर गुरुवार को जिला महिला अस्पताल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं बौद्धिक अक्षमता से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों, उनके प्रति सामाजिक व्यवहार और नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर जागरूक किया गया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रीता कौशिक तथा सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं प्रभारी सचिव स्मिता गोस्वामी के निर्देशन में शिविर आयोजित हुआ। तहसील विधिक सेवा समिति सदर के सचिव एवं तहसीलदार सचिंद्र कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधीक्षक सुबोध सिंह ने की।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने मानसिक रोग एवं बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानसिक एवं शारीरिक अक्षमताओं से प्रभावित व्यक्तियों को भी समाज में सम्मान और समानता के साथ जीवन जीने का पूरा अधिकार है। उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
अस्पताल की एचओडी मधुलिका शुक्ला ने बताया कि मानसिक रोग एवं बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों को गरिमा के साथ जीवन जीने, समुदाय में रहने, समान अवसर प्राप्त करने, उचित स्वास्थ्य सेवाएं हासिल करने और निःशुल्क कानूनी सहायता पाने का अधिकार है। ये अधिकार उन्हें समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
लीगल एड क्लीनिक के श्यामू सिंह ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21 एवं 39ए तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि मानसिक रोग या बौद्धिक अक्षमता किसी व्यक्ति को उसके मानवीय एवं संवैधानिक अधिकारों से वंचित नहीं करती। ऐसे व्यक्ति भी समाज के अभिन्न अंग हैं और उन्हें समान अधिकार एवं सम्मान मिलना चाहिए।
पीएलवी कीर्ति कश्यप ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शराब, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों का अनुचित अथवा अत्यधिक सेवन शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने नशे से दूर रहने और इसके दुष्प्रभावों के प्रति परिवार एवं समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देते हुए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया। कार्यक्रम में अस्पताल का स्टाफ एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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