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दिल्ली में विजयदशमी शस्त्र पूजन समारोह, क्षत्रिय समाज की वीरता और राष्ट्रभक्ति का संदेश

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (वेब वार्ता)। दिल्ली के मानसरोवर पार्क, शाहदरा में विजयदशमी के पावन अवसर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासंघ, दिल्ली प्रदेश एवं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ट्रस्ट, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में भव्य शस्त्र पूजन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में क्षत्रिय समाज की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा, वीरता, त्याग, स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा के योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इतिहास का गौरव तभी सार्थक है, जब उससे प्रेरणा लेकर वर्तमान में समाज और राष्ट्र के निर्माण के लिए काम किया जाए।

कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और विधिक क्षेत्रों से जुड़ी अनेक प्रमुख हस्तियों ने शिरकत की। शस्त्र पूजन के माध्यम से विजयदशमी के सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया गया। समारोह में सामाजिक एकता, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, महिला सम्मान, जरूरतमंदों की सहायता और राष्ट्र की अखंडता के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया गया।

वीरता केवल रणभूमि तक सीमित नहीं : अधिवक्ता संदीप ठाकुर

समारोह को संबोधित करते हुए अधिवक्ता संदीप ठाकुर ने कहा कि क्षत्रिय समाज की पहचान सदियों से साहस, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष की परंपरा से रही है। आज के समय में वीरता का अर्थ केवल रणभूमि में पराक्रम दिखाना नहीं, बल्कि संविधान की मर्यादा का पालन करना, न्याय के लिए आवाज उठाना, महिलाओं का सम्मान करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और देश की एकता को मजबूत बनाना भी है।

उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज को अपनी गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने चाहिए। समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता, अनुशासन, सेवा भावना और नई पीढ़ी को सही दिशा देने में निहित है।

अधिवक्ता संदीप ठाकुर ने स्वतंत्रता संग्राम में क्षत्रिय वीरों और वीरांगनाओं के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की आजादी देश के विभिन्न समुदायों, वर्गों और क्षेत्रों के साझा संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम थी। स्वतंत्रता आंदोलन में अनेक राजाओं, सैनिकों, क्रांतिकारियों और वीरांगनाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रानी लक्ष्मीबाई, वीर कुंवर सिंह और महाराणा प्रताप जैसी ऐतिहासिक विभूतियों का साहस और स्वाभिमान आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों और वीरांगनाओं के योगदान को स्मरण करना आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और आत्मसम्मान की भावना विकसित करने का माध्यम है।

शालिनी सिंह ने विरासत और नई पीढ़ी के दायित्व पर दिया जोर

समारोह में उपस्थित शालिनी सिंह, जो पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की सुपुत्री हैं, सहित अन्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए नई पीढ़ी को इतिहास से परिचित कराने के साथ-साथ शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ना जरूरी है।

समारोह में दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व सांसद विजय पाल सिंह तोमर, आर.पी. सिंह, हठयोगी महंत मछेंद्र पुरी महाराज, मरघट वाला मंदिर के महंत वरुण शर्मा, मुनींदर सिंह सिसोदिया, विधायक जितेंद्र महाजन, पूर्व विधायक विपिन शर्मा, वरिष्ठ भाजपा नेता प्रवेश शर्मा, आईआरएस अधिकारी अमित शर्मा, निगम पार्षद शिवानी पांचाल तथा दिल्ली के पूर्व उपमहापौर दिव्य जयसवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

स्वतंत्रता संग्राम से राष्ट्र निर्माण तक क्षत्रिय समाज की भूमिका

समारोह में वक्ताओं ने क्षत्रिय समाज के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय इतिहास में वीरता और राष्ट्ररक्षा की परंपरा का विशेष स्थान रहा है। अलग-अलग कालखंडों में अनेक योद्धाओं, शासकों और वीरांगनाओं ने अपने क्षेत्रों, जनसमुदायों और देश की रक्षा के लिए संघर्ष किया। स्वतंत्रता संग्राम में भी विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए लोगों ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आंदोलन में हिस्सा लिया और अनेक लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

वक्ताओं ने कहा कि वीरता का वास्तविक अर्थ केवल शौर्यगाथाओं का स्मरण करना नहीं, बल्कि उन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना है, जिनमें न्याय, साहस, अनुशासन, त्याग और लोककल्याण शामिल हैं। आज समाज के सामने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसरों से जोड़ने, महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने तथा जरूरतमंद परिवारों की सहायता करने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं।

उन्होंने कहा कि क्षत्रिय समाज सहित देश के सभी समुदायों को मिलकर सामाजिक सद्भाव, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना चाहिए। इतिहास की प्रेरणा तभी सार्थक होगी, जब वह समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और देश की प्रगति में योगदान देगी।

निःशुल्क चिकित्सा शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने कराई जांच

समारोह के अंतर्गत कैलाश दीपक अस्पताल के सहयोग से निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन भी किया गया। क्षत्रिय महासभा और एमवाई एसोसिएशन के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा प्राप्त की।

आयोजकों ने बताया कि शिविर का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और आवश्यक जांच की सुविधा उपलब्ध कराना था। समारोह में धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा के साथ जनसेवा को जोड़ने की इस पहल को महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी ऐसी पहल समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए उपयोगी साबित होती हैं और सामुदायिक सहयोग की भावना को बढ़ावा देती हैं।

समाजसेवा करने वाली संस्थाओं को किया सम्मानित

समारोह में सामाजिक कल्याण, जनसेवा और समाजहित के क्षेत्र में योगदान देने वाली विभिन्न संस्थाओं को सम्मानित किया गया। इनमें दधीचि देहदान समिति, एमवाई एसोसिएशन, एमडब्ल्यूए मानसरोवर पार्क, आरडब्ल्यूए डीडीए फ्लैट्स, सेवा अनोखा परिवार, निश्चय जैन फाउंडेशन, चौधरी मान सिंह ट्रस्ट तथा तीर्थ यात्री मित्र मंडल प्रमुख रूप से शामिल रहे।

आयोजकों ने कहा कि समाज को मजबूत बनाने में सामाजिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। देहदान के प्रति जागरूकता, जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक विकास और जनकल्याण के लिए काम करने वाली संस्थाएं समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करती हैं।

कड़कड़डूमा न्यायालय के अधिवक्ताओं की रही भागीदारी

कार्यक्रम में कड़कड़डूमा न्यायालय से बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भी हिस्सा लिया। इनमें बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के पूर्व चेयरमैन अधिवक्ता डी.के. सिंह, शाहदरा बार के अध्यक्ष वी.के. सिंह, शाहदरा बार के सचिव नरवीर डबास, अधिवक्ता लता भाटी, अवध प्रताप सिंह, मनोज चौहान और कुशल राणा सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।

अधिवक्ता समुदाय की उपस्थिति को न्याय, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूकता के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में न्याय और समानता की भावना मजबूत करने के लिए कानून के प्रति सम्मान तथा नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी आवश्यक है।

समाज और जनसेवा से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित

समारोह में दधीचि देहदान समिति के सुधीर गुप्ता, अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह, भाजपा के युवा नेता शैंकी खुराना, दिलशाद गार्डन मंडल के उपाध्यक्ष दीपक सागर, नवीन शाहदरा जिला पूर्वांचल मोर्चा के उपाध्यक्ष विश्वास कुमार शुक्ल तथा वरिष्ठ पत्रकार रोहित सिसोदिया सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के महासचिव नागेंद्र सिंह ने किया। आयोजन को सफल बनाने में ठाकुर विनोद जायस, राजेश ठाकुर, पी.एस. कुशवाह, लता भाटी, परविंदर तोमर और योगराज सिंह सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका रही।

गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर समाज निर्माण का संकल्प

मानसरोवर पार्क में आयोजित विजयदशमी शस्त्र पूजन एवं सम्मान समारोह इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि ऐतिहासिक विरासत का सम्मान सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन के साथ जुड़ा होना चाहिए। क्षत्रिय समाज की वीरता, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की परंपरा को शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, जनसेवा और सामाजिक समरसता से जोड़कर ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सशक्त भविष्य का निर्माण किया जा सकता है।

आयोजकों ने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे आपसी एकता बनाए रखते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए मिलकर काम करें। समारोह में यह संदेश प्रमुखता से उभरा कि सच्चा सम्मान केवल इतिहास को याद करने में नहीं, बल्कि उसके प्रेरक मूल्यों को अपने आचरण और सेवा कार्यों में उतारने में है।

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