वॉशिंगटन, 18 सितंबर (वेब वार्ता)। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते समुद्री तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची को संयुक्त राष्ट्र महासभा की आगामी बैठक में शामिल होने के लिए वीजा मंजूर कर दिया है। एक ओर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क का रास्ता खुला हुआ है, वहीं दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की ओर से एक तेल टैंकर को रोके जाने के दावे ने क्षेत्रीय तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है।
कूटनीति के बीच होर्मुज में टैंकर को लेकर विवाद
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उसने टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर ‘ट्रेंड’ को निशाना बनाया और उसे अपने कब्जे में ले लिया। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, जहाज पर आग लगने के बाद उसे रोका गया। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने आरोप लगाया कि टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान द्वारा बताए गए मार्ग का पालन नहीं किया था। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने भी ओमान के खासाब से लगभग 29.6 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में होर्मुज जलडमरूमध्य के क्षेत्र में एक समुद्री सुरक्षा घटना की जानकारी दी। हालांकि, केंद्र की ओर से जहाज का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया था।
वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है। यहां किसी जहाज को रोके जाने या समुद्री आवागमन में बाधा उत्पन्न होने का असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष तथा क्षेत्रीय समुद्री मार्गों में सुरक्षा संबंधी घटनाओं के बीच इस जलडमरूमध्य की सुरक्षा वैश्विक चिंता का विषय बनी हुई है। ईरान के नेताओं को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने की अनुमति और समुद्र में बढ़ते तनाव के बीच सामने आए घटनाक्रम से क्षेत्र की जटिल कूटनीतिक स्थिति उजागर होती है।




