लक्ष्मीकान्त पाठक
हरदोई (वेबवार्ता)
हरदोई नगर की गलियों में पसरा कीचड़ और जलभराव जहां लोगों के लिए मुसीबत बन गया है, वहीं इस परेशानी के बीच समाजवादी पार्टी के नेता एवं नगर पालिका हरदोई के पूर्व प्रत्याशी रामज्ञान गुप्ता ने जनसेवा की एक नई मिसाल पेश करने का संकल्प लिया है। रक्षाबंधन पर महंगाई की मार झेल रहे नगरवासियों के बीच चीनी बांटकर राहत पहुंचाने का प्रयास करने के बाद अब उन्होंने कीचड़ और जलभराव से जूझ रहे लोगों की राह आसान करने का बीड़ा उठाया है।
नगर के कृष्ण नगरिया मोहल्ले में जलभराव की स्थिति इतनी गंभीर है कि गलियां पानी और कीचड़ से लथपथ हैं। लोगों के लिए घर से बाहर निकलना तक कठिन हो गया है। रोजमर्रा की जिंदगी की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान को लेकर मोहल्लेवासियों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति नाराजगी भी है।
मोहल्लेवासियों का कहना है कि जलभराव की समस्या को लेकर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन आश्वासन के अलावा कोई ठोस राहत नहीं मिली। नागरिकों का आरोप है कि अब उनकी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे लोगों में व्यवस्था के प्रति निराशा और आक्रोश दोनों बढ़ रहे हैं।
मुसीबत में जनता के बीच पहुंचे रामज्ञान
ऐसे समय में रामज्ञान गुप्ता ने समस्या को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि स्वयं मौके पर पहुंचकर समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया। उन्होंने कृष्ण नगरिया की जलभराव वाली गली में अपने निजी खर्च से मिट्टी डलवाने का कार्य शुरू कराया, ताकि कीचड़ में धंसी लोगों की राह कुछ आसान हो सके।
रामज्ञान गुप्ता ने कहा कि जनता की तकलीफ को केवल देखकर आगे बढ़ जाना उनकी प्रवृत्ति नहीं है। जब किसी गली में जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो जाए तो ऐसे समय में उनकी पीड़ा को महसूस करना और यथासंभव राहत पहुंचाना ही सच्ची जनसेवा है।
उन्होंने एलान किया कि हरदोई नगर की जिन अन्य गलियों में जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों का आवागमन बाधित है, वहां दीपावली तक निजी खर्च से मिट्टी डलवाकर रास्तों को सूखा और चलने योग्य बनाने का प्रयास किया जाएगा।
चीनी से लेकर कीचड़ तक, जनता की परेशानी में बने सहभागी
नगरवासियों के बीच रामज्ञान गुप्ता की इस पहल को उनके पिछले प्रयास से भी जोड़कर देखा जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर उन्होंने महंगाई से परेशान लोगों के बीच चीनी बांटकर राहत पहुंचाने का प्रयास किया था। अब जब वही नगरवासी जलभराव और कीचड़ से जूझ रहे हैं तो उन्होंने अपने निजी संसाधनों से मिट्टी डलवाने का बीड़ा उठाया है।
स्थानीय लोगों ने रामज्ञान गुप्ता की पहल की सराहना करते हुए कहा कि मुसीबत के समय जो व्यक्ति जनता के बीच खड़ा दिखाई देता है, वही वास्तव में लोगों के सुख-दुख का साथी कहलाता है। लोगों का कहना है कि चीनी बांटने से लेकर कीचड़ में फंसी गलियों को राह देने तक उनकी पहल में नगरवासियों के प्रति अपनत्व और समर्पण दिखाई देता है।
मोहल्लेवासियों ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जब कोई व्यक्ति बिना सरकारी सहायता का इंतजार किए अपने निजी संसाधनों से जनता की समस्या दूर करने के लिए आगे आता है तो उसके प्रयास की सराहना की जानी चाहिए। लोगों ने उम्मीद जताई कि दीपावली तक नगर की अन्य प्रभावित गलियों में भी मिट्टी डलवाने का उनका संकल्प पूरा होगा।
भाजपा सरकार पर भी साधा निशाना
रामज्ञान गुप्ता ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास के दावों के बावजूद नगर की अनेक गलियां आज भी जलभराव, कीचड़ और गंदगी की समस्या से जूझ रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी यदि इस तरह परेशान होना पड़े तो विकास के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले विधानसभा चुनाव में अपने मत के माध्यम से सरकार के कामकाज का जवाब देगी।
रामज्ञान गुप्ता की पहल के दौरान धर्मेंद्र यादव दीपू, अवनीश यादव, शुभम गुप्ता, अवनीश मिश्रा, केके पाल, राम तीरथ कनौजिया, विश्वनाथ प्रताप सिंह, अर्पित तिवारी, सूरज श्रीवास्तव, निखिल मिश्रा, हर्षित मिश्रा, कृष्ण कुमार पाल सहित अन्य मोहल्लेवासी मौजूद रहे।




