-धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शनकारियों ने मनाई खुशी
नई दिल्ली, 25 जुलाई (वेब वार्ता)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन जश्न में बदल गया। आंदोलन के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके ने मंच से इस्तीफे की जानकारी देते ही समर्थकों को संबोधित किया और कहा, “हमने कर दिखाया।”
दीपके ने कहा कि लंबे समय से यह धारणा बनाई जा रही थी कि मौजूदा व्यवस्था में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन उनके आंदोलन ने यह साबित कर दिया कि दबाव और जनसंगठन के बल पर निर्णय बदल सकते हैं। उन्होंने उत्साहित स्वर में कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।”
शिक्षा मंत्री जी ने इस्तीफा दिया। https://t.co/FCtG4KeNL3 pic.twitter.com/6D0rlD7Gkr
— Cockroach Janta Party (@CJP_for_India) July 25, 2026
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नीट-यूजी पेपर लीक प्रकरण को लेकर पिछले कई हफ्तों से जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच आया है। जंतर-मंतर पर 36 दिनों से अधिक समय से आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे अपनी प्रमुख मांग की पूर्ति बताया और इसे लोकतंत्र तथा आंदोलन की जीत करार दिया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह केवल एक पद छोड़ने की घटना नहीं, बल्कि जवाबदेही की दिशा में पहला कदम है। संगठन की ओर से पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी न्यूनतम मांग है और इससे कम किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लोकतंत्र की जीत हुई है।
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जंतर-मंतर पर माहौल उस समय और भावुक हो गया, जब अभिजीत दीपके ने मंच से नीट विवाद से जुड़े प्रभावित विद्यार्थियों का उल्लेख किया। आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार, यह संघर्ष केवल प्रदर्शन तक सीमित नहीं था, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की सुरक्षा की मांग के लिए था।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी अपना आंदोलन समाप्त करेगी या नई मांगों के साथ आगे बढ़ेगी। आंदोलन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, संगठन की अगली रणनीति पर जल्द निर्णय लिया जा सकता है, जबकि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच जारी संवाद पर भी सभी की नजर बनी हुई है।




