हैदराबाद, 20 जुलाई (वेब वार्ता)। हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही एक महिला पुलिस अधिकारी ने अपने साथी प्रशिक्षु अधिकारी उदय कृष्ण रेड्डी के विरुद्ध यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और निजी वीडियो प्रसारित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर अट्टापुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की सत्यता की जांच कर रही है।
शिकायत के अनुसार यह मामला राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दो प्रशिक्षु पुलिस अधिकारियों से संबंधित है। महिला अधिकारी का आरोप है कि उदय कृष्ण रेड्डी ने उन्हें लगातार अशोभनीय संदेश भेजे, अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने उन्हें अकादमी परिसर के एक कक्ष में बुलाकर कथित रूप से चाकू की नोक पर धमकाया और उनकी इच्छा के विरुद्ध निजी वीडियो रिकॉर्ड किए।
महिला अधिकारी ने अपनी लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि बाद में इन निजी वीडियो को उनके पति के पास भेज दिया गया, जिससे उन्हें मानसिक आघात पहुंचा और उन्होंने पुलिस से शिकायत करने का निर्णय लिया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी का व्यवहार लगातार आपत्तिजनक था और वह अश्लील संदेशों के माध्यम से उन्हें परेशान करता रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अट्टापुर थाना पुलिस ने उदय कृष्ण रेड्डी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी शिकायत में उल्लिखित संदेशों, वीडियो तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही शिकायतकर्ता, आरोपी तथा मामले से जुड़े संभावित गवाहों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
इस घटना के सामने आने के बाद देश की प्रतिष्ठित पुलिस प्रशिक्षण संस्था सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में हलचल का वातावरण है। यह संस्थान भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए देश के प्रमुख संस्थानों में गिना जाता है। ऐसे में इस प्रकरण ने प्रशिक्षण संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन और उत्पीड़न संबंधी शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं।
सूत्रों के अनुसार अकादमी के वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर निकटता से नजर बनाए हुए हैं। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।




