भोपाल, 16 जुलाई (वेब वार्ता)। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए आधुनिक रेडिएशन उपचार की सुविधा लगभग पूरी तरह तैयार है, लेकिन बजट स्वीकृत न होने के कारण यह सेवा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आवश्यक बजट मिलते ही नई कैंसर रेडिएशन यूनिट को मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
गांधी चिकित्सा महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. कविता सिंह ने बताया कि अत्याधुनिक कैंसर यूनिट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल वित्तीय स्वीकृति का इंतजार है। बजट उपलब्ध होते ही उपचार सेवाएं प्रारंभ कर दी जाएंगी।
हर महीने 1500 कैंसर मरीज पहुंचते हैं हमीदिया
हमीदिया अस्पताल में प्रतिमाह लगभग 1,500 कैंसर मरीज उपचार के लिए आते हैं। आधुनिक रेडिएशन सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में मरीजों को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भोपाल अथवा अन्य अस्पतालों में जाना पड़ता है। वहां पहले से मरीजों की अधिक संख्या होने के कारण उपचार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
नई यूनिट शुरू होने के बाद कैंसर की जांच, शरीर में बीमारी के फैलाव का पता लगाने और रेडियो चिकित्सा जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों का समय बचेगा और उपचार पर होने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा।
तीन मीटर मोटी दीवारों वाला विशेष बंकर तैयार
रेडिएशन उपचार के लिए स्थापित की जाने वाली लिनियर एक्सीलेटर मशीन हेतु अस्पताल परिसर में विशेष सुरक्षा बंकर तैयार किया गया है। रेडिएशन से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसकी दीवारें लगभग तीन मीटर मोटी बनाई गई हैं।
ब्रैकीथैरेपी मशीन को कमला नेहरू अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में तैयार किए गए बंकर में स्थापित किया जाएगा। वहीं, पेट-सीटी स्कैन मशीन कमला नेहरू अस्पताल की आपातकालीन इकाई में लगाई जाएगी। इन तीनों आधुनिक मशीनों को डिजिटल प्रणाली के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज होगी।
75 करोड़ रुपये की आधुनिक मशीनें बदलेंगी उपचार व्यवस्था
नई कैंसर यूनिट में लगभग 75 करोड़ रुपये की लागत से तीन अत्याधुनिक मशीनें स्थापित की जानी हैं। इनमें लगभग 25 करोड़ रुपये की पेट-सीटी स्कैन मशीन कैंसर की पहचान और उसके शरीर में फैलाव का सटीक पता लगाने में मदद करेगी।
करीब 40 करोड़ रुपये की लिनियर एक्सीलेटर मशीन उच्च क्षमता वाली रेडिएशन किरणों के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करेगी। इसके अलावा लगभग 10 करोड़ रुपये की ब्रैकीथैरेपी मशीन कैंसर प्रभावित हिस्से के भीतर या उसके निकट रेडिएशन देकर उपचार करेगी, जिससे ट्यूमर पर अधिक प्रभाव पड़ेगा और स्वस्थ ऊतकों को अपेक्षाकृत कम नुकसान होगा।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार तीनों मशीनों की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और बजट स्वीकृत होने के बाद इन्हें स्थापित कर उपचार सेवा शुरू कर दी जाएगी।
दोहरी ऊर्जा तकनीक से होगा सटीक उपचार
नई रेडिएशन यूनिट में आधुनिक दोहरी ऊर्जा लिनियर एक्सीलेटर तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह अलग-अलग ऊर्जा स्तर की रेडिएशन किरणों के माध्यम से सीधे कैंसर कोशिकाओं को निशाना बनाती है। इस तकनीक से ट्यूमर पर अधिक सटीक प्रभाव पड़ता है, जबकि आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को होने वाला नुकसान काफी हद तक कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुविधा शुरू होने के बाद मध्य प्रदेश के हजारों कैंसर मरीजों को राजधानी में ही आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सकेगा तथा उन्हें अन्य अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।




