जयपुर, 8 जुलाई (वेब वार्ता)। राजस्थान की राजधानी जयपुर में मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल देखने को मिली। रामगंज बाजार क्षेत्र में रहने वाली 85 वर्षीय असहाय वृद्ध महिला के 56 वर्षीय बेटे का निधन हो गया। आर्थिक तंगी और परिजनों के अभाव के कारण वृद्धा अंतिम संस्कार कराने में असमर्थ थीं। ऐसे कठिन समय में नगर निगम जयपुर ने आगे बढ़कर न केवल अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था की, बल्कि वृद्धा के लिए राशन की भी व्यवस्था कर मानवीय जिम्मेदारी निभाई।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह एक नागरिक ने नगर निगम को सूचना दी कि रामगंज बाजार स्थित एक मकान में 56 वर्षीय व्यक्ति का निधन हो गया है। सूचना मिलते ही किशनपोल जोन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
आर्थिक तंगी के कारण नहीं हो पा रहा था अंतिम संस्कार
जांच में सामने आया कि मृतक की देखभाल उसकी 85 वर्षीय मां कर रही थीं, लेकिन आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर होने के कारण उनके पास अंतिम संस्कार कराने तक के लिए पर्याप्त धन नहीं था। परिवार में कोई निकट संबंधी भी मौजूद नहीं था, जिससे वृद्ध महिला पूरी तरह असहाय हो गई थीं।
विधि-विधान से कराया अंतिम संस्कार
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने आवश्यक पुलिस औपचारिकताएं पूरी कराईं। इसके बाद निगम की गैराज शाखा से वाहन उपलब्ध कराकर पार्थिव शरीर को आदर्श नगर श्मशान घाट पहुंचाया गया। वहां पूरे हिंदू रीति-रिवाज और धार्मिक परंपराओं के अनुसार सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया गया।
भोजन और राशन की भी की व्यवस्था
किशनपोल जोन के उपायुक्त पवन मीणा ने बताया कि नगर निगम का दायित्व केवल नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि संकट के समय जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा होना भी है। इसी सामाजिक दायित्व के तहत निगम ने अंतिम संस्कार की संपूर्ण व्यवस्था की।
उन्होंने बताया कि वृद्ध महिला को तत्काल राहत देने के लिए आगामी दिनों के भोजन हेतु राशन भी उपलब्ध कराया गया, ताकि उन्हें दैनिक आवश्यकताओं के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प
नगर निगम जयपुर ने कहा कि मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक सरोकार उसकी कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। भविष्य में भी जरूरतमंद, असहाय और संकटग्रस्त परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाती रहेगी।




