नई दिल्ली, 8 जुलाई (वेब वार्ता)। भारत के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी को लेकर शुरू हुई बहस के बीच इंजीनियरिंग स्नातक अभिजीत दीपके द्वारा शुरू किया गया व्यंग्यात्मक मंच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सामाजिक माध्यमों पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। दीपके ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी वास्तविक राजनीतिक दल या छात्र आंदोलन की शुरुआत करना नहीं, बल्कि व्यंग्य के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करना था।
दीपके ने सामाजिक माध्यम ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के बाद इस व्यंग्यात्मक मंच की शुरुआत की। इसके बाद कम समय में बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ने लगे। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल प्रतीकात्मक और व्यंग्यात्मक है तथा इसका उद्देश्य युवाओं को अपनी बात रखने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है।
टिप्पणी के बाद शुरू हुई बहस
मुख्य न्यायाधीश की न्यायालय में की गई मौखिक टिप्पणी को लेकर सामाजिक माध्यमों पर व्यापक बहस छिड़ गई थी। हालांकि बाद में मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी का आशय देश के युवाओं का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके वक्तव्य को गलत ढंग से प्रस्तुत किया गया और उनका संदर्भ उन लोगों से था जो फर्जी डिग्रियों के सहारे विभिन्न पेशों में प्रवेश कर व्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने भारतीय युवाओं को देश के विकास का आधार भी बताया।
व्यंग्य के माध्यम से दर्ज कराया विरोध
अभिजीत दीपके ने कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ एक व्यंग्यात्मक पहल है और इसे किसी राजनीतिक दल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि यह मंच अभिव्यक्ति के लोकतांत्रिक अधिकार और रचनात्मक विरोध का प्रतीक है।




