नई दिल्ली, 8 जुलाई (वेब वार्ता)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नर्मदा परियोजना से जुड़े लंबित मुद्दों पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनी। बैठक में महाराष्ट्र को उसके हिस्से का 10 टीएमसी पानी उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि दो दशकों से लंबित इस मामले के समाधान पर सभी राज्यों के बीच सकारात्मक सहमति बनी है।
बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी उपस्थित रहे।
उकाई परियोजना से मिलेगा 5 टीएमसी पानी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र को उसके हिस्से के 10 टीएमसी पानी में से 5 टीएमसी पानी उकाई परियोजना से उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी सहमति बन गई है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जब उकाई बांध में पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा, तब महाराष्ट्र को वहां से पानी लेने की अनुमति दी जाएगी।
इसके अलावा शेष जल उपलब्ध कराने की दिशा में भी आवश्यक प्रक्रियाओं पर सहमति बनी है।
वित्तीय दायित्वों पर भी मिला समाधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि नर्मदा परियोजना से जुड़े वित्तीय मामलों पर भी सकारात्मक निर्णय लिया गया है। अब महाराष्ट्र पर केवल 27 करोड़ रुपये का भुगतान शेष है, जबकि अन्य बकाया देनदारियों को समाप्त करने पर सहमति बनी है।
उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद महाराष्ट्र को बिजली का लाभ तो मिला, लेकिन राज्य को उसके हिस्से का पानी अब तक नहीं मिल पाया था। इस बैठक के बाद यह लंबा विवाद सुलझने की दिशा में आगे बढ़ा है।
उत्तर महाराष्ट्र को होगा लाभ
देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि उकाई बांध से पानी उठाने के लिए राज्य सरकार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी। इस परियोजना से उत्तर महाराष्ट्र के कई जिलों में सिंचाई, पेयजल और अन्य जल आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने इस निर्णय के लिए अमित शाह, सी. आर. पाटिल तथा गुजरात सरकार का आभार भी व्यक्त किया।
अक्षय ऊर्जा योजनाओं की भी हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी की अध्यक्षता में राज्य में अक्षय ऊर्जा योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि कुसुम योजना के तहत महाराष्ट्र को देश में सबसे अधिक, कुल आवंटित राशि का लगभग 51 प्रतिशत हिस्सा मिला है। राज्य सरकार ने संशोधित योजना में भी अधिक सहयोग का अनुरोध किया है।
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इन योजनाओं को गति देने के लिए आवश्यक सुधार करेगी और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा एवं जल क्षेत्र की परियोजनाओं को आगे बढ़ाएगी।




