शिमला | राज्य डेस्क | वेब वार्ता
Fire Hydrant System in Keylong के तहत हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के मुख्यालय केलंग को आधुनिक अग्निशमन सुविधा की बड़ी सौगात मिली है। जिले का पहला स्थायी फायर वाटर टैंक और फायर हाइड्रेंट सिस्टम बनकर तैयार हो गया है। लगभग 15 लाख रुपये की लागत से शक्स नाला के पास निर्मित यह प्रणाली महज पांच मिनट में 4,500 लीटर क्षमता वाले अग्निशमन वाहन को पानी से भरने में सक्षम होगी। इससे आग लगने की घटनाओं में त्वरित राहत पहुंचाने और जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी।
- केलंग में जिले का पहला स्थायी फायर वाटर टैंक तैयार।
- परियोजना पर लगभग 15 लाख रुपये की लागत आई।
- 30 हजार लीटर क्षमता वाला वाटर टैंक बनाया गया।
- 5 मिनट में 4,500 लीटर क्षमता वाले फायर वाहन में पानी भरने की सुविधा।
- आपात स्थिति में अग्निशमन सेवाओं की क्षमता और प्रतिक्रिया समय में सुधार होगा।
अग्निशमन सेवाओं को मिली नई मजबूती
वर्ष 2012 में केलंग में जिले का पहला अग्निशमन उपकेंद्र स्थापित किया गया था, लेकिन स्थायी जल स्रोत नहीं होने के कारण आग लगने की घटनाओं में पानी की उपलब्धता बड़ी चुनौती बनी रहती थी। अब इस आधुनिक फायर वाटर टैंक और हाइड्रेंट सिस्टम के तैयार होने से अग्निशमन विभाग को तत्काल जलापूर्ति उपलब्ध होगी और राहत कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे।
उपायुक्त की पहल से पूरी हुई परियोजना
इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त किरण भड़ाना ने 15 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की। इसके बाद जल शक्ति विभाग ने शक्स नाला के समीप इस परियोजना का निर्माण कार्य पूरा किया। अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना जिले की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
एल्यूमिनियम हाइड्रेंट सिस्टम से बढ़ेगी सुविधा
इस परियोजना में एल्यूमिनियम फिटिंग से तैयार आधुनिक हाइड्रेंट स्ट्रक्चर लगाया गया है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक स्थानांतरित किया जा सकता है। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में अग्निशमन विभाग की कार्यक्षमता को और बेहतर बनाएगी।
बाढ़ से सुरक्षा के लिए भी तैयार प्रस्ताव
परियोजना को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने के लिए इसके चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव जल शक्ति विभाग को भेजा गया है ताकि भविष्य में बाढ़ जैसी परिस्थितियों में इस महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
| परियोजना | विवरण |
|---|---|
| लागत | ₹15 लाख |
| वाटर टैंक क्षमता | लगभग 30,000 लीटर |
| फायर वाहन क्षमता | 4,500 लीटर |
| भरने का समय | लगभग 5 मिनट |
| स्थान | शक्स नाला, केलंग |
आपदा प्रबंधन में मिलेगी बड़ी सहायता
अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक जलापूर्ति प्रणाली शुरू होने से आग लगने की घटनाओं में अग्निशमन दल की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी। दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण लाहौल-स्पीति में यह सुविधा भविष्य में आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।




