नई दिल्ली | राजनीतिक डेस्क | वेब वार्ता
Delhi Safety Standards को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली सरकार से कड़े कानून और प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि राजधानी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है। शनिवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में नेताओं ने मुंडका फैक्ट्री हादसे सहित हाल के कई मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
- आम आदमी पार्टी ने सुरक्षा मानकों पर सरकार को घेरा।
- मुंडका फैक्ट्री हादसे का हवाला देते हुए सख्त कानून की मांग।
- सेप्टिक टैंक की मैनुअल सफाई पर प्रभावी रोक लगाने की अपील।
- फैक्ट्रियों के नियमित सुरक्षा निरीक्षण की मांग उठाई।
- खुले नालों और जर्जर इमारतों को भी बताया हादसों की वजह।
- मानसून से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग।
Delhi Safety Standards को लेकर आप ने क्या कहा?
पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एमसीडी करोल बाग जोन के अध्यक्ष पुनीत राय ने कहा कि मुंडका स्थित एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक में दम घुटने से तीन लोगों की मौत सुरक्षा मानकों की अनदेखी का गंभीर उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून के बावजूद कई स्थानों पर सेप्टिक टैंकों की मैनुअल सफाई कराई जा रही है और संबंधित एजेंसियां प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि मुंडका हादसे में अरुण, संदीप और चांद की जान चली गई। उनके अनुसार पहले एक व्यक्ति टैंक में उतरा और उसके फंसने पर दो अन्य लोग बचाने के लिए अंदर गए, लेकिन तीनों की दम घुटने से मौत हो गई।
हाल की घटनाओं का भी किया उल्लेख
पुनीत राय ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि फरवरी में नरेला, मार्च में दिल्ली जल बोर्ड के सीवर तथा मई में न्यू अशोक नगर में भी इसी प्रकार की घटनाओं में लोगों की मौत हुई थी। उनका आरोप था कि यदि सुरक्षा नियमों का प्रभावी पालन होता तो इन घटनाओं को रोका जा सकता था।
उन्होंने कहा कि केवल प्राथमिकी दर्ज कर देने या कुछ लोगों की गिरफ्तारी से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए नियमित निरीक्षण और जवाबदेही तय करना आवश्यक है।
मुख्य मांगें एक नजर में
| मुद्दा | मांग |
|---|---|
| सेप्टिक टैंक सफाई | मैनुअल सफाई पर सख्त रोक और प्रभावी निगरानी |
| फैक्ट्रियां | नियमित सुरक्षा निरीक्षण और अनुपालन |
| खुले नाले | सुरक्षा इंतजाम और आवश्यक निर्माण कार्य |
| जर्जर इमारतें | सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई |
| मानसून तैयारी | जलभराव और सुरक्षा जोखिमों को कम करने के उपाय |
खुले नालों और जर्जर इमारतों पर भी चिंता
निगम पार्षद राकेश जोशी ने नरेला क्षेत्र में खुले नाले में डूबने से एक व्यक्ति की मौत का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की निगम पार्षद ने भी कई बार संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया था।
उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान खुले नाले, जर्जर इमारतें, जलभराव और खराब सफाई व्यवस्था जैसी समस्याएं बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। प्रशासन को समय रहते इन पर प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी नेताओं ने कहा कि राजधानी में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए कानूनों का कड़ाई से पालन, नियमित निरीक्षण और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
फिलहाल यह मांग राजनीतिक बयान के रूप में सामने आई है। संबंधित घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई अपने स्तर पर जारी है।




