आइजोल | राष्ट्रीय डेस्क | वेब वार्ता
Mizoram Electoral Roll Digitisation के तहत मिजोरम ने देश में नया रिकॉर्ड कायम करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के दौरान मतदाता सूची के गणना प्रपत्रों (Enumeration Forms) का 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया है। राज्य ने यह उपलब्धि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 28 जून की समय सीमा से तीन दिन पहले हासिल की। इसके साथ ही मिजोरम तीसरे चरण के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पूरी करने वाला पहला राज्य बन गया है।
- मिजोरम ने मतदाता सूची पुनरीक्षण का 100% डिजिटाइजेशन पूरा किया।
- निर्धारित समय सीमा से तीन दिन पहले प्रक्रिया पूरी हुई।
- 1,301 बूथ लेवल अधिकारियों ने अभियान में भाग लिया।
- राज्य तीसरे चरण में यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला राज्य बना।
- 2025 में राज्य में कुल 8,75,068 मतदाता दर्ज किए गए थे।
- 46,434 गणना प्रपत्र विभिन्न कारणों से एकत्र नहीं हो सके।
Mizoram Electoral Roll Digitisation में कैसे मिली सफलता?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार राज्यभर में 30 मई से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा था। इस अभियान के तहत 1,301 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन और गणना प्रपत्रों का संग्रहण किया।
अधिकारियों ने बताया कि डिजिटाइजेशन का कार्य 26 जून की शाम को पूरा कर लिया गया, जो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 28 जून की अंतिम तिथि से तीन दिन पहले पूरा हुआ। यह उपलब्धि मिजोरम की निर्वाचन प्रणाली में तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक समन्वय को दर्शाती है।
मतदाता सूची से जुड़े आंकड़े क्या बताते हैं?
राज्य के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2005 के विशेष गहन पुनरीक्षण में कुल 5,59,123 मतदाता थे। वहीं वर्ष 2025 तक मतदाताओं की संख्या बढ़कर 8,75,068 हो गई, जिनमें 4,23,397 पुरुष और 4,51,671 महिला मतदाता शामिल हैं।
अभियान के दौरान कुल 46,434 गणना प्रपत्र विभिन्न कारणों से प्राप्त नहीं हो सके। इनमें से बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की रही जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो गए हैं।
पुनरीक्षण अभियान के प्रमुख आंकड़े
| मुख्य तथ्य | विवरण |
|---|---|
| राज्य | मिजोरम |
| डिजिटाइजेशन | 100% |
| बूथ लेवल अधिकारी (BLO) | 1,301 |
| 2025 के कुल मतदाता | 8,75,068 |
| अप्राप्त प्रपत्र | 46,434 (5.31%) |
| मृत मतदाता | 21,194 |
| स्थायी रूप से स्थानांतरित | 14,179 |
| पता नहीं चल सके | 8,571 |
धार्मिक मान्यता के कारण भी कुछ लोगों ने नामांकन नहीं कराया
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार राज्य में 329 लोगों ने धार्मिक मान्यताओं के कारण मतदाता सूची में अपना नाम शामिल नहीं कराने की इच्छा जताई है। अधिकारियों के अनुसार इनमें से कुछ लोग बाइबिल में वर्णित ‘नंबर ऑफ द बीस्ट (666)’ से जुड़ी धार्मिक मान्यता के चलते मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहते।
हालांकि निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज किया गया है और सभी आंकड़ों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है।
चुनावी प्रबंधन में डिजिटल व्यवस्था को मिला बढ़ावा
भारत निर्वाचन आयोग लगातार मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। मिजोरम द्वारा निर्धारित समय से पहले 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा करना इस अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी मॉडल साबित हो सकती है और देशभर में डिजिटल चुनावी प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।




