नई दिल्ली, 22 जून (वेब वार्ता)। राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक प्रकरण और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राजधानी के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना रविवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
धरने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार नोकझोंक भी देखने को मिली। प्रदर्शन की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद समर्थक धरनास्थल पर डटे रहे। इस बीच बिजली और पानी की आपूर्ति को लेकर विवाद तथा कैंडल मार्च की घोषणा ने आंदोलन को और चर्चा में ला दिया है।
पहले दिन शुरू हुआ था अनिश्चितकालीन धरना
बीस जून को दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे थे। प्रारंभिक चरण में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, छात्र और अभिभावक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और थाली-चम्मच लेकर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग उठाई।
शाम को निर्धारित समय समाप्त होने के बाद पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन अभिजीत दीपके और उनके समर्थकों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया। रातभर प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर ही डटे रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ समय के लिए बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित कर दी गई थी, हालांकि बाद में सेवाएं बहाल कर दी गईं। धरनास्थल पर स्वयंसेवकों की ओर से भोजन की व्यवस्था भी की गई।
पुनर्परीक्षा के दिन भी जारी रहा प्रदर्शन
इक्कीस जून को पुनर्परीक्षा के दिन अभिजीत दीपके ने एक संदेश जारी कर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से परीक्षा समाप्त होने के बाद जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। सुबह से ही प्रदर्शन फिर शुरू हुआ और प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कई लोगों को धरनास्थल तक पहुंचने से रोक रही है। हालांकि पुनर्परीक्षा समाप्त होने के बाद कुछ छात्र और अभिभावक आंदोलन में शामिल हुए, लेकिन उनकी संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। इसके बावजूद समर्थकों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
तीसरे दिन कैंडल मार्च की घोषणा
धरने के तीसरे दिन अभिजीत दीपके ने घोषणा की कि नीट विवाद और आत्महत्या करने वाले छात्रों की स्मृति में शाम को कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार बहस भी हुई।
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर आने वाले कुछ लोगों से पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा गया। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब जंतर-मंतर आने के लिए भी विशेष अनुमति आवश्यक होगी।
ये हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी नीट परीक्षा में कथित प्रश्नपत्र लीक की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है।
इसके अतिरिक्त, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को न्याय और उचित मुआवजा देने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग भी आंदोलन का प्रमुख हिस्सा है।




