खंडवा (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित प्रसिद्ध सूफी दरगाह हज़रत खान शाह वली (रहमतुल्लाह अलैह), जिसे बादशाह-ए-निमाड़ और कुतुब-ए-खंडवा के नाम से भी जाना जाता है, देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह पवित्र दरगाह आध्यात्मिक शांति, भाईचारे और मानवता के संदेश के लिए जानी जाती है।
हाल ही में भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Jamal Siddiqui ने दरगाह पहुंचकर चादर और फूल पेश किए तथा देश में शांति, समृद्धि और सामाजिक सौहार्द के लिए विशेष दुआ की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता, एकता और साझा सांस्कृतिक विरासत में निहित है। सूफी संतों ने सदियों से प्रेम, करुणा, सेवा और इंसानियत का संदेश दिया है, जो आज भी समाज को जोड़ने का कार्य कर रहा है।
उन्होंने देशवासियों की खुशहाली, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, किसानों की समृद्धि तथा राष्ट्र की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारा, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। हज़रत खान शाह वली (र.अ.) की दरगाह हर वर्ष आयोजित होने वाले उर्स के दौरान हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। यहां आने वाले लोग अपनी आस्था के साथ मन्नतें मांगते हैं और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
यह दरगाह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक भी है। जमाल सिद्दीकी की इस यात्रा ने सूफी परंपरा द्वारा दिए गए प्रेम, शांति और राष्ट्रीय एकता के संदेश को और अधिक सशक्त करने का कार्य किया।




