तेहरान, 06 जून (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के साथ जारी तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच ईरान से एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मुज्तबा खामेनेई ने दो हजार से अधिक कैदियों की सजा माफ करने, उसमें कमी करने अथवा उसे परिवर्तित करने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से बड़ी संख्या में कैदियों को राहत मिलने और कई बंदियों की रिहाई का मार्ग प्रशस्त होने की संभावना जताई जा रही है।
ईरान के सरकारी समाचार माध्यम के अनुसार यह निर्णय न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजी की सिफारिश के आधार पर लिया गया है। दया याचिका से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए सर्वोच्च नेता ने योग्य कैदियों को राहत देने की अनुमति दी है।
हालांकि यह राहत सभी कैदियों को नहीं मिलेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराए गए व्यक्तियों, जासूसी के मामलों में सजा काट रहे कैदियों, देश की आंतरिक अथवा बाहरी सुरक्षा के विरुद्ध गतिविधियों में शामिल लोगों तथा सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करने वाले अपराधियों को इस निर्णय के दायरे से बाहर रखा गया है।
सर्वोच्च नेता की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी बयान में कहा गया है कि यह राहत शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक पर्व ईद-अल-गदीर से पूर्व प्रदान की गई है। न्यायपालिका प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी एजी ने इस अवसर पर दया याचिकाओं पर विचार करने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
उल्लेखनीय है कि ईरान लंबे समय से आर्थिक चुनौतियों और अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के प्रभाव का सामना कर रहा है। दिसंबर में देशभर में हुए प्रदर्शनों के दौरान हजारों नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में बंदियों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह निर्णय धार्मिक अवसर के साथ-साथ सामाजिक संतुलन स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है। हालांकि सुरक्षा से जुड़े मामलों में कठोर रुख बरकरार रखते हुए ईरानी नेतृत्व ने स्पष्ट संकेत दिया है कि संवेदनशील अपराधों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।




