नई दिल्ली, 03 जून (वेब वार्ता)। आईपीएल में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चाओं का दौर जारी है। कई प्रशंसक उन्हें जल्द ही भारतीय टीम की जर्सी में देखने की मांग कर रहे हैं, लेकिन पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर का मानना है कि चयनकर्ताओं को इस मामले में धैर्य और सावधानी बरतनी चाहिए।
आईपीएल के हालिया सत्र में वैभव सूर्यवंशी ने 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसके साथ ही वह प्रतियोगिता के इतिहास में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए। उन्होंने एक ही सत्र में सर्वाधिक 72 छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया और सबसे मूल्यवान खिलाड़ी सहित कई व्यक्तिगत पुरस्कार हासिल किए।
उनके शानदार प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें आगामी आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल करने की मांग उठने लगी है। हालांकि संजय मांजरेकर का मानना है कि इतनी कम उम्र में सीधे विदेशी परिस्थितियों में उतारना उचित नहीं होगा।
एक बातचीत में मांजरेकर ने कहा कि टी-20 प्रारूप में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के बाद वैभव निश्चित रूप से अगली कतार में खड़े खिलाड़ियों में शामिल हैं। लेकिन यदि उन्हें भारतीय टीम में शामिल करना है तो पहले उन्हें घरेलू परिस्थितियों और भारतीय पिचों पर लगातार प्रदर्शन करते हुए देखना बेहतर होगा। उनके अनुसार आयरलैंड, न्यूजीलैंड या दक्षिण अफ्रीका जैसी परिस्थितियां युवा खिलाड़ी के लिए शुरुआती दौर में चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं के सामने एक और चुनौती यह होगी कि मौजूदा युवा खिलाड़ियों और वैभव सूर्यवंशी के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। टी-20 क्रिकेट में परिस्थितियां तेजी से बदलती हैं और किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन कम समय में ऊपर-नीचे हो सकता है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक अभिषेक शर्मा को लेकर भी काफी चर्चा थी, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं।
मांजरेकर ने वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की खुलकर सराहना भी की। उनका मानना है कि युवा बल्लेबाज केवल टी-20 क्रिकेट तक सीमित रहने वाले खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि उनमें तीनों प्रारूपों में सफल होने की क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि एकदिवसीय क्रिकेट में भी वैभव शुरुआती ओवरों में उसी तरह मैच का रुख बदल सकते हैं, जैसा प्रभाव रोहित शर्मा ने 2023 विश्व कप के दौरान दिखाया था।
पूर्व क्रिकेटर के अनुसार यदि वैभव सही मार्गदर्शन और पर्याप्त समय के साथ आगे बढ़ते हैं तो वह भारतीय क्रिकेट के भविष्य के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं को उनके विकास की प्रक्रिया को जल्दबाजी के बजाय सुनियोजित तरीके से आगे बढ़ाना चाहिए।
फिलहाल क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगामी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखलाओं के लिए भारतीय टीम के चयन में वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलता है या नहीं। हालांकि इतना तय है कि आईपीएल में उनके प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है।




