इंदौर, 03 जून (वेब वार्ता)। इंदौर मेट्रो परियोजना के अंडरग्राउंड हिस्से का निर्माण कार्य इन दिनों तेजी से चल रहा है। एयरपोर्ट क्षेत्र के समीप भूमिगत मेट्रो स्टेशन और सुरंग निर्माण के दौरान चट्टानी सतह मिलने के कारण नियंत्रित ब्लास्टिंग का सहारा लिया जा रहा है। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों का ध्यान भी इस परियोजना की ओर आकर्षित हुआ है।
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार लगभग आठ माह पहले इस हिस्से में खुदाई कार्य शुरू किया गया था। करीब 20 फीट गहराई तक खुदाई के बाद कठोर चट्टानें सामने आने लगीं, जिसके कारण सामान्य मशीनों से कार्य करना कठिन हो गया। इसके बाद विशेषज्ञों की निगरानी में नियंत्रित ब्लास्टिंग कर चट्टानों को हटाने का कार्य शुरू किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट क्षेत्र में बनने वाला मेट्रो स्टेशन पूरी तरह भूमिगत होगा। यहां से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे जाकर मेट्रो ट्रैक एलिवेटेड कॉरिडोर से जुड़ेगा। निर्माण एजेंसियों का लक्ष्य सिंहस्थ से पहले इस हिस्से के प्रमुख कार्यों को पूरा करना है।
इंदौर मेट्रो परियोजना के तहत कुल 10 किलोमीटर लंबे भूमिगत कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है। यह मार्ग खजराना क्षेत्र से एयरपोर्ट रोड तक विकसित किया जाएगा। हालांकि इस पूरे हिस्से में अभी व्यापक स्तर पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, लेकिन एयरपोर्ट क्षेत्र में गतिविधियां तेज हो चुकी हैं।
परियोजना में एक महत्वपूर्ण बदलाव उस समय किया गया था जब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सुझाव और हस्तक्षेप के बाद मेट्रो मार्ग में संशोधन किया गया। इस बदलाव के कारण लगभग दो किलोमीटर अतिरिक्त भूमिगत मार्ग जोड़ा गया, जिससे परियोजना की लागत में करीब 2,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई।
इंदौर मेट्रो परियोजना की कुल लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। परियोजना के पहले चरण में करीब 20 किलोमीटर लंबे ट्रैक का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इस हिस्से पर संचालन शुरू करने की तैयारियां भी लगभग पूरी हैं, हालांकि अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
वर्तमान में गांधी नगर मेट्रो स्टेशन से रेडिसन चौराहा तक लगभग छह किलोमीटर लंबे मार्ग पर परीक्षण और परिचालन संबंधी गतिविधियां जारी हैं। इस मार्ग पर पांच मेट्रो स्टेशन तैयार हो चुके हैं और विभिन्न गति स्तरों पर कई सफल परीक्षण भी किए जा चुके हैं।
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने अभी तक किराया संरचना की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार अधिकतम किराया लगभग 80 रुपये तक हो सकता है। परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे शहर में यातायात दबाव कम होगा और यात्रियों को तेज, सुरक्षित तथा आधुनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।




