नई दिल्ली, 23 मई (वेब वार्ता)। संसद सुरक्षा चूक मामले में दिल्ली पुलिस ने अदालत में चौथी पूरक आरोप पत्र दाखिल की है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित बंसल की अदालत ने दस्तावेजों की जांच के लिए 29 मई की तारीख तय की है। साथ ही मामले में चार आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी 29 मई तक बढ़ा दी गई है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने करीब 14 हजार पृष्ठों की चौथी पूरक आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत की। आरोपियों की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मामले में आरोप तय करने को लेकर पहले ही विस्तृत बहस हो चुकी है और इस चरण में नई पूरक आरोप पत्र दाखिल करना कानून के दुरुपयोग के समान है। बचाव पक्ष ने अदालत से चौथी पूरक आरोप पत्र की मुद्रित प्रति उपलब्ध कराने की मांग भी की।
सुनवाई के दौरान मामले के सभी आरोपी अदालत में पेश हुए। इससे पहले 13 मार्च को दिल्ली उच्च न्यायालय ने आरोपी नीलम आजाद की जमानत शर्तों में संशोधन करते हुए उसे हरियाणा के जींद स्थित अपने गृह जिले में रहने की अनुमति दी थी। उच्च न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया था कि वह प्रत्येक माह की 15 तारीख को संबंधित जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर रिपोर्ट करेगी।
इससे पहले 2 जुलाई 2025 को दिल्ली उच्च न्यायालय ने नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत प्रदान की थी। दिल्ली पुलिस ने 15 जुलाई 2024 को इस मामले में एक पूरक आरोप पत्र भी दाखिल की थी।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं, जिनमें 186, 353, 153, 452, 201, 34 और 120बी शामिल हैं, के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम की धाराओं 13, 16 और 18 के तहत आरोप पत्र दाखिल की है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पहली आरोप पत्र 7 जून 2024 को दाखिल की थी, जो करीब एक हजार पृष्ठों की थी। यूएपीए के तहत जिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद शामिल हैं।
गौरतलब है कि यह घटना 13 दिसंबर 2023 को हुई थी, जब संसद की दर्शक दीर्घा से दो आरोपी सदन के कक्ष में कूद गए थे। आरोप है कि उनमें से एक ने जूते से धुआं छोड़ने वाला पदार्थ निकालकर पीले रंग का धुआं फैलाया, जिससे सदन में अफरातफरी मच गई। हंगामे के बीच कुछ सांसदों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया था। वहीं संसद परिसर के बाहर भी दो लोगों को नारेबाजी और पीले रंग का धुआं छोड़ने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। मामले की जांच अभी जारी है।




