तेहरान, 22 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर नया कदम उठाया है, जिससे क्षेत्र में सामरिक और कूटनीतिक तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने नया समुद्री निगरानी क्षेत्र घोषित करते हुए फारस की खाड़ी से लेकर ओमान की खाड़ी के हिस्से तक अपने नियंत्रण और निगरानी का दावा किया है।
ईरान की नई व्यवस्था के अनुसार, होर्मुज क्षेत्र से गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों, तेल टैंकरों और अन्य पोतों को पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति और समन्वय करना होगा। ईरानी पक्ष का कहना है कि यह कदम समुद्री सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जारी नक्शे के अनुसार, ओमान की खाड़ी में संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह बंदरगाह के दक्षिणी हिस्से से लेकर ईरान के कोह-ए-मुबारक तक तथा फारस की खाड़ी में केशम द्वीप से संयुक्त अरब अमीरात के उम्म-अल-कुवैन तक एक नया निगरानी क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इन सीमाओं के बीच के समुद्री हिस्से को ईरान ने अपने पर्यवेक्षण क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए चिंता का विषय बन सकता है, क्योंकि ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग माने जाते हैं। यहां अमेरिकी नौसेना की उल्लेखनीय मौजूदगी भी रही है।
उल्लेखनीय है कि फरवरी से शुरू हुए क्षेत्रीय संघर्ष के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। जहाजों की आवाजाही में भारी कमी दर्ज की गई है और अनेक पोत लंबे समय से फंसे हुए हैं। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार पर भी असर पड़ा है।
हाल के दिनों में ईरान ने दावा किया था कि उसकी निगरानी और समन्वय व्यवस्था के तहत जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जा रहा है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन उन्हें निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है और वैश्विक तेल परिवहन का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में ईरान के इस नए दावे और निगरानी व्यवस्था को केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक और सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




