वाशिंगटन, 22 मई (वेब वार्ता)। भारत दौरे से ठीक पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ऊर्जा सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को उतनी ऊर्जा बेचने के लिए तैयार है, जितनी नई दिल्ली खरीदना चाहे। मियामी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मार्को रुबियो ने भारत को एक महत्वपूर्ण सहयोगी और भागीदार बताते हुए दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका रिकॉर्ड स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है और वह चाहता है कि भारत अमेरिकी ऊर्जा निर्यात का बड़ा भागीदार बने। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच इस दिशा में पहले से बातचीत चल रही है और आगामी यात्रा में यह विषय प्रमुख रहेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कई विषयों पर चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ अमेरिका का सहयोग लगातार मजबूत हुआ है और यह यात्रा रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने का अवसर होगी।
उन्होंने विशेष रूप से क्वाड देशों की बैठक का उल्लेख किया और कहा कि यह मंच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग के लिए बेहद अहम है। मार्को रुबियो ने बताया कि विदेश मंत्री के रूप में उनकी पहली बहुपक्षीय बैठक भी क्वाड के साथ हुई थी और उन्हें खुशी है कि अब यह बैठक भारत में आयोजित होने जा रही है।
मार्को रुबियो ने वेनेजुएला से ऊर्जा आपूर्ति के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले सप्ताह भारत आने वाली हैं और इस दौरान तेल आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। इसे ऊर्जा क्षेत्र में संभावित नए अवसरों के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री 23 से 26 मई तक भारत के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह नई दिल्ली, कोलकाता, आगरा और जयपुर का दौरा करेंगे। यह यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि लंबे अंतराल के बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री कोलकाता पहुंचने जा रहा है।
दौरे के अंतिम दिन 26 मई को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक प्रस्तावित है, जिसकी अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर करेंगे। बैठक में अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इसमें ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।




