कोलकाता, 15 मई (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों वित्त मंत्रालय और नंदीग्राम विधानसभा सीट को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा नंदीग्राम सीट से इस्तीफा देकर भवानीपुर सीट अपने पास रखने के बाद अब भाजपा के सामने सबसे बड़ा सवाल नए वित्त मंत्री और नंदीग्राम से उम्मीदवार के चयन का है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल को राज्य की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा नेतृत्व पश्चिम बंगाल में आर्थिक और औद्योगिक सुधारों को गति देने के लिए किसी अनुभवी और वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले चेहरे को आगे लाने की तैयारी में है। इसी कड़ी में संजीव सान्याल का नाम सबसे प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि उन्हें राज्य का वित्त मंत्री बनाया जा सकता है।
वर्तमान में वित्त विभाग मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास ही है। इसके अलावा गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और वाणिज्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी वही संभाल रहे हैं। ऐसे में सरकार के भीतर कार्यों के बेहतर विभाजन और प्रशासनिक संतुलन के लिए नए वित्त मंत्री की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि संजीव सान्याल को मंत्री बनाया जाता है तो उन्हें विधानसभा का सदस्य बनना आवश्यक होगा। इसी कारण नंदीग्राम सीट पर होने वाले उपचुनाव में उन्हें भाजपा उम्मीदवार के रूप में उतारे जाने की संभावना जताई जा रही है। नंदीग्राम को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है और यहां शुभेंदु अधिकारी का प्रभाव भी काफी मजबूत है।
संजीव सान्याल देश के प्रसिद्ध अर्थशास्त्रियों में गिने जाते हैं। वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य होने के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक मंचों पर भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। जी-7 और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनके अनुभव को भाजपा बंगाल के विकास में उपयोगी मान रही है।
हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में संजीव सान्याल अपनी पत्नी के साथ पारंपरिक बंगाली वेशभूषा में नजर आए थे। इसके बाद से ही उनके सक्रिय राजनीतिक भूमिका में आने की अटकलों को और बल मिला है।
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि पश्चिम बंगाल में वर्षों से रुकी औद्योगिक प्रगति और निवेश की कमी को दूर करने के लिए आर्थिक सुधारों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। संजीव सान्याल को प्रक्रिया सुधार और निवेश आधारित विकास मॉडल का समर्थक माना जाता है। हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि कोलकाता में पूरे पूर्वी भारत के आर्थिक विकास को गति देने की क्षमता मौजूद है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यदि भाजपा संजीव सान्याल को नंदीग्राम से चुनाव मैदान में उतारती है, तो यह केवल एक उपचुनाव नहीं बल्कि बंगाल में आर्थिक और प्रशासनिक बदलाव के बड़े संकेत के रूप में देखा जाएगा।




