नई दिल्ली, 09 मई (वेब वार्ता)। विनोद खन्ना हिंदी सिनेमा के उन सितारों में शामिल रहे, जिन्होंने अपने करियर के शिखर पर रहते हुए अचानक ग्लैमर और स्टारडम की दुनिया छोड़ दी थी। वर्ष 1982 में उन्होंने फिल्मी दुनिया, दौलत और लोकप्रियता से दूरी बनाकर अध्यात्म का रास्ता चुना और ओशो के आश्रम पहुंच गए थे। उस दौर में उनका यह फैसला पूरे फिल्म उद्योग और प्रशंसकों के लिए बेहद चौंकाने वाला था।
विनोद खन्ना ने सबकुछ छोड़कर ओरेगन स्थित ओशो के कम्यून रजनीशपुरम का रुख किया था, जबकि उनका परिवार मुंबई में ही रह रहा था। उस समय उन्हें लेकर यह आरोप भी लगे कि उन्होंने अपने परिवार और बच्चों को छोड़ दिया। हालांकि बाद में एक बातचीत में उन्होंने इन आरोपों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी थी।
एक चर्चित कार्यक्रम में विनोद खन्ना ने कहा था कि वह लगातार अपने परिवार के संपर्क में थे और उनकी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं था कि वह सबकुछ छोड़कर भाग गए थे, बल्कि वह अपने परिवार को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करा रहे थे।
अपने फैसले को लेकर उन्होंने स्वीकार किया था कि यह कदम कुछ हद तक स्वार्थी था, लेकिन उनके अनुसार यह आत्मिक खोज और अपने अस्तित्व को समझने की यात्रा का हिस्सा था। उन्होंने बताया था कि उस समय वह मानसिक रूप से बेहद बेचैन रहते थे और ध्यान के माध्यम से उन्हें शांति मिलने लगी थी।
विनोद खन्ना ने कहा था कि प्रसिद्धि और सफलता के बावजूद उनके भीतर एक खालीपन था। उन्होंने महसूस किया कि यदि उन्हें ध्यान और अध्यात्म में गहराई तक जाना है तो इसके लिए पूरी तरह समर्पित होना पड़ेगा। यही कारण था कि उन्होंने आश्रम में रहकर साधारण जीवन अपनाने का फैसला किया।
ओशो आश्रम में रहने के दौरान उन्होंने खुद को पूरी तरह साधारण जीवनशैली में ढाल लिया था। बताया जाता है कि वहां उन्होंने बागवानी करने से लेकर शौचालय साफ करने तक के कार्य किए। इस दौरान उन्होंने खुद को ग्लैमर की दुनिया से पूरी तरह दूर कर लिया था।
हालांकि कुछ वर्षों बाद उनका मन आश्रम में भी नहीं लगा। इसके बाद ओशो ने ही उन्हें भारत लौटकर फिल्मों में दोबारा काम करने की सलाह दी। वापसी के बाद महेश भट्ट ने उन पर भरोसा जताया और फिल्म जुर्म में मुख्य भूमिका दी।
इस फिल्म में उनके साथ मीनाक्षी शेषाद्रि और संगीता बिजलानी नजर आई थीं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसके साथ ही विनोद खन्ना ने बॉलीवुड में शानदार वापसी की। उनकी वापसी ने यह साबित कर दिया कि उनका स्टारडम अभी खत्म नहीं हुआ था।




