मुंबई, 3 मई (वेब वार्ता)। इंडियन प्रीमियर लीग में हर सीजन नई कहानियां सामने आती हैं, लेकिन इस बार मुंबई इंडियंस के खिलाड़ी रघु शर्मा की कहानी ने सभी का ध्यान खींच लिया है। 33 वर्ष की उम्र में आईपीएल डेब्यू कर रघु ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा के सामने उम्र कोई बाधा नहीं होती।
मुंबई इंडियंस के कप्तान Hardik Pandya ने उन्हें डेब्यू कैप सौंपी। चेन्नई के खिलाफ मुकाबले में रघु शर्मा को इम्पैक्ट खिलाड़ी के रूप में मैदान में उतारा गया, जहां उन्होंने Robin Minz की जगह ली।
कोच से खिलाड़ी बनने तक का सफर
रघु शर्मा का जन्म 1993 में पंजाब के जालंधर में हुआ। वह एक लेग ब्रेक गेंदबाज हैं और जरूरत पड़ने पर बल्लेबाजी भी कर लेते हैं। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने पंजाब और पुडुचेरी की टीमों का प्रतिनिधित्व किया।
खास बात यह है कि रघु ने कुछ समय पहले तक क्रिकेट अकादमी ऑफ पठान्स में गेंदबाजी कोच के रूप में काम किया था। वहां उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया और अपने अनुभव साझा किए।
दिग्गजों ने दी बधाई
पूर्व भारतीय क्रिकेटर Irfan Pathan और Yusuf Pathan ने उनके डेब्यू पर खुशी जताई। उन्होंने रघु के समर्पण और मेहनत की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।
नेट गेंदबाज से आईपीएल खिलाड़ी तक
रघु शर्मा का यह सफर और भी खास इसलिए है क्योंकि वह वर्ष 2015 में मुंबई इंडियंस के नेट गेंदबाज हुआ करते थे। इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
आईपीएल 2025 से पहले विग्नेश पुथुर के चोटिल होने पर रघु को उनके स्थान पर टीम में शामिल किया गया। इसके बाद फ्रेंचाइजी ने उन्हें 2026 सीजन के लिए भी बरकरार रखा और आखिरकार उन्हें डेब्यू का मौका मिला।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव से मिला फायदा
रघु शर्मा ने 2022 में श्रीलंका के गाले क्रिकेट क्लब के लिए खेलते हुए महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया। इसके बाद 2023 में उन्होंने इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेला।
इसी दौरान उनकी मुलाकात दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज स्पिनर Imran Tahir से हुई, जिनसे उन्होंने अपनी गेंदबाजी में सुधार किया।
मेहनत और धैर्य की मिसाल
रघु शर्मा की कहानी यह दर्शाती है कि अगर लगन और मेहनत हो, तो किसी भी उम्र में सफलता हासिल की जा सकती है। कोचिंग से खिलाड़ी बनने तक का उनका सफर उन सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को साकार करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।



