कोलकाता, 26 अप्रैल (वेब वार्ता)। पश्चिम बंगाल के दमदम क्षेत्र में नोआपाड़ा थाना के पास शनिवार को तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई देने से इलाके में दहशत फैल गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका पुलिस थाना परिसर के बेहद करीब हुआ, जिससे आसपास के घरों में रहने वाले लोग भयभीत हो गए।
स्थानीय निवासी राजेश बसफोर ने बताया कि सुबह करीब साढ़े दस बजे उन्हें अपने बेटे से फोन पर घटना की जानकारी मिली। बेटे ने बताया कि उनके घर के पीछे स्थित थाना क्षेत्र के पास जोरदार धमाका हुआ है। जब उन्होंने पूछा कि यह घर के अंदर हुआ या बाहर, तो बेटे ने स्पष्ट किया कि धमाका पुलिस परिसर के नजदीक हुआ था।
राजेश बसफोर के अनुसार, जब वह करीब 11 बजे घर पहुंचे, तो उन्होंने आसपास की छतों और खुले स्थानों पर छर्रे बिखरे देखे। उनका आरोप है कि इन छर्रों की तत्काल जांच नहीं की गई, जिससे स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना और बढ़ गई। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस स्टेशन के पास इस तरह की घटना होना चिंताजनक है।
उन्होंने बताया कि वह स्वयं थाना पहुंचे और लगभग एक घंटे तक इंतजार किया, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों की व्यस्तता का हवाला दिया। इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि जब घटना पुलिस स्टेशन के इतने करीब हुई, तो तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
इसी बीच, राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले के आक्रा-संतोषपुर इलाके में एक और बड़ी घटना सामने आई। यहां शनिवार दोपहर झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग गई, जिसमें करीब 40 झुग्गियां जलकर राख हो गईं। आग इतनी तेजी से फैली कि रेलवे की ऊपर से गुजरने वाली विद्युत आपूर्ति लाइन भी इसकी चपेट में आ गई।
आग के कारण बजबज–सियालदह रेल मार्ग पर उपनगरीय रेल सेवा पूरी तरह ठप हो गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दमकल विभाग ने आग बुझाने के लिए कई गाड़ियों को मौके पर तैनात किया है और राहत कार्य जारी है।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बिजली की खराबी बताया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, विशेषज्ञ टीम मौके पर पहुंच चुकी है और जल्द से जल्द रेल सेवा बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।



