कोलकाता, डेस्क | वेब वार्ता
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़े पैमाने पर फेरबदल जारी है। चुनाव आयोग ने मंगलवार को 19 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव में उत्तर और दक्षिण बंगाल के एडीजी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। इससे पहले राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को भी उनके पद से हटाया जा चुका है।
उत्तर और दक्षिण बंगाल में नए एडीजी नियुक्त
| पद | अधिकारी |
|---|---|
| एडीजी, दक्षिण बंगाल | राजेश कुमार सिंह |
| एडीजी, उत्तर बंगाल | के जयरामन |
दोनों अधिकारी 1997 बैच के वरिष्ठ आईपीएस हैं। इसके अलावा आसनसोल-दुर्गापुर, हावड़ा, बराकपोर और चंदननगर में नए पुलिस आयुक्तों की नियुक्ति की गई है।
कई जिलों में बदले गए पुलिस अधीक्षक
| अधिकारी | नई तैनाती |
|---|---|
| पुष्पा (IPS 2012) | एसपी, बारासात |
| जसप्रीत सिंह (IPS 2016) | एसपी, कूचबिहार |
| सूर्य प्रताप यादव (IPS 2011) | एसपी, बीरभूम |
| राकेश सिंह (SPS) | एसपी, इस्लामपुर |
| कुमार सनी राज (IPS 2017) | एसपी, हुगली ग्रामीण |
| इशानी पॉल (IPS 2013) | एसपी, डायमंड हार्बर |
| अनुपम सिंह (IPS 2015) | एसपी, मालदा |
| पापिया सुल्ताना (SPS) | एसपी, पश्चिम मेदिनीपुर |
कुल 13 जिलों में पुलिस अधीक्षकों के तबादले किए गए हैं, जिससे चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य सचिव और गृह सचिव भी बदले गए
| पद | पुराना नाम | नया नाम |
|---|---|---|
| मुख्य सचिव | नंदिनी चक्रवर्ती | दुश्मंत नारियाला |
| गृह सचिव | जगदीश प्रसाद मीणा | संघमित्रा घोष |
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक पूर्व अधिकारी किसी भी चुनावी कार्य में शामिल नहीं होंगे।
आचार संहिता लागू होते ही बदलाव तेज
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसके बाद चुनाव आयोग को प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले और नियुक्ति का अधिकार मिल जाता है, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।
चुनाव की तारीखें और कार्यक्रम
| चरण | तारीख |
|---|---|
| पहला चरण मतदान | 23 अप्रैल 2026 |
| दूसरा चरण मतदान | 29 अप्रैल 2026 |
| मतगणना | 4 मई 2026 |
294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए दो चरणों में मतदान होगा और 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रशासनिक फेरबदल यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। इन बदलावों का असर चुनावी माहौल और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
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